उत्तर प्रदेश में संपत्ति का बंटवारा हुआ आसान, योगी सरकार की नई स्टांप ड्यूटी छूट से प्रदेशवासियों को बड़ी राहत

उत्तर प्रदेश में संपत्ति का बंटवारा हुआ आसान, योगी सरकार की नई स्टांप ड्यूटी छूट से प्रदेशवासियों को बड़ी राहत

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे को आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब आवासीय, कृषि, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के दान विलेख (गिफ्ट डीड) पर केवल 5000 रुपये स्टांप शुल्क और 1% निबंधन शुल्क देना होगा। 

लखनऊ: अब किसी भी प्रकार की संपत्ति का पारिवारिक सदस्यों के बीच बंटवारे के लिए दान विलेख (गिफ्ट डीड) पर केवल पाँच हजार रुपये की स्टांप ड्यूटी लगेगी। इससे पहले यह छूट केवल आवासीय या कृषि संपत्तियों के रक्त संबंधी मामलों तक ही सीमित थी, लेकिन अब व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के लिए भी दान विलेख पर स्टांप ड्यूटी पांच हजार रुपये से अधिक नहीं देनी होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट की बैठक में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत अचल संपत्ति के दान विलेख पर स्टांप ड्यूटी में भारी छूट दी जाएगी। बैठक में कुल 14 प्रस्तावों में से 13 प्रस्तावों को स्वीकृत किया गया।

कैबिनेट ने दी मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। प्रस्ताव के तहत परिवार के सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के दान विलेख पर स्टांप शुल्क में भारी छूट दी गई है। बैठक में कुल 14 प्रस्ताव में से 13 स्वीकृत किए गए, जबकि 10 रुपये से 500 रुपये तक के स्टांप पेपर पर यूजर चार्ज वसूलने का प्रस्ताव स्थगित कर पुनर्विचार के लिए भेजा गया।

पहले यह छूट केवल आवासीय और कृषि संपत्तियों पर ही लागू थी। नए फैसले के तहत अब व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों पर भी यही स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क का नियम लागू होगा। इससे पहले शहरी क्षेत्रों में व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों पर सर्किल रेट का 7% और ग्रामीण क्षेत्रों में 5% स्टांप ड्यूटी देनी पड़ती थी।

स्टांप एवं पंजीयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2022 से पहले पारिवारिक रिश्तों में संपत्ति दान करने पर सर्किल रेट के आधार पर स्टांप शुल्क देना पड़ता था। 2023 में आवासीय और कृषि संपत्तियों पर छूट देने के बाद अब व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों को भी शामिल किया गया है, जिससे प्रदेशवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।

पारिवारिक संपत्ति का वैधानिक हस्तांतरण

इस नई व्यवस्था से वैधानिक हस्तांतरण बढ़ेगा और अनावश्यक विवाद और मुकदमों में कमी आएगी। मंत्री ने बताया कि इस छूट का लाभ स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा अधिसूचना जारी होने की तिथि से लागू होगा। इस छूट का लाभ परिवार के इन सदस्यों को मिलेगा:

  • पुत्र और पुत्री
  • पिता और माता
  • पति और पत्नी
  • पुत्रवधु
  • भाई और बहन
  • दामाद
  • पुत्र और पुत्री के बेटे-बेटी
  • सगे भाई की मृत्यु होने पर उनकी पत्नी

इस व्यापक दायरे से यह स्पष्ट है कि योगी सरकार ने पारिवारिक संपत्ति के हस्तांतरण को ज्यादा सरल और विवाद-मुक्त बनाने का प्रयास किया है।

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