वाराणसी (उ.प्र.) - गंगा नदी की सफाई और संरक्षण के लिए केंद्र और राज्य सरकार की नमामि गंगे योजना के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य व परियोजनाएँ चल रही हैं। इस कार्यक्रम के जरिए गंगा के पानी को स्वच्छ बनाने के प्रयास सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं, जिसमें नए सीवेज शोधन संयंत्रों (STP) के निर्माण और नदियों से सीवेज के सीधा प्रवाह को रोकने जैसे कदम शामिल हैं।
सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, नमामि गंगे मिशन के तहत अब तक सैंकड़ों परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं और बड़ी संख्या में STP स्थापित किये गए हैं ताकि शहरों और कस्बों से निकलने वाला अपशिष्ट पानी नदी में न गिरे। इससे गंगा नदी के प्रदूषण को कम करने और पानी की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिल रही है।
स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की टीमों द्वारा घाटों और नदी किनारों पर सफाई अभियानों का आयोजन भी किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर, ललिता घाट पर पशु मृतकों को हटाने और गंगा किनारे कूड़ा तथा अन्य प्रदूषित पदार्थों को साफ करने का अभियान चलाया गया, जिसमें आम जनता को स्वच्छता बनाए रखने की अपील भी की गई।
हालाँकि विशेषज्ञों का कहना है कि नदी की सफाई एक लंबा और चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन सीवेज इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती और नियमित रख-रखाव से गंगा के पानी की गुणवत्ता में सुधार के संकेत मिले हैं। आगामी परियोजनाओं के साथ यह प्रयास और भी तेज होगा।











