विजय माल्या और ललित मोदी को लेकर भारत की सख्त प्रतिक्रिया, विदेश मंत्रालय ने दी सफाई

विजय माल्या और ललित मोदी को लेकर भारत की सख्त प्रतिक्रिया, विदेश मंत्रालय ने दी सफाई

ललित मोदी और विजय माल्या को लेकर वायरल वीडियो के बाद भारत ने साफ किया कि सभी भगोड़ों को कानूनी प्रक्रिया के तहत देश वापस लाकर न्याय दिलाया जाएगा। विदेश मंत्रालय लगातार कार्रवाई में लगा हुआ है।

नई दिल्ली: हाल ही में ललित मोदी और विजय माल्या को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें ललित मोदी ने कहा कि वे और विजय माल्या भारत के दो सबसे बड़े भगोड़े हैं। इस वीडियो और ताने के बाद भारत में जमकर आलोचना हुई। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत कानून के अनुसार सभी भगोड़ों को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है और उनका मुकदमा यहां की अदालतों में चलेगा।

ललित मोदी का विवादित पोस्ट

सोमवार को ललित मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह और विजय माल्या नजर आए। वीडियो में उन्होंने ताना दिया कि वे भारत के दो सबसे बड़े भगोड़े हैं। पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा था, "मुझे फिर से इंटरनेट को ठप करने के लिए कुछ करने दो। आप लोगों के लिए कुछ। जलन से अपना दिल जलाओ।" बाद में यह पोस्ट हटा दिया गया। इस पोस्ट ने भारतीय जनता और मीडिया में बहस छेड़ दी कि भारत में न्याय प्रक्रिया के बावजूद भगोड़े मज़े कर रहे हैं।

भारत में हुई आलोचना

ललित मोदी के पोस्ट के बाद सोशल मीडिया और मीडिया में बहस तेज हो गई। लोग यह सवाल कर रहे थे कि भारत सरकार ब्रिटेन में रह रहे इन दोनों भगोड़ों को वापस लाने में अब तक क्यों सफल नहीं हो पाई। विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे सोशल मीडिया पोस्ट कानून को चुनौती देने जैसा प्रतीत होते हैं और इससे भारत की न्याय प्रणाली की प्रतिष्ठा पर असर पड़ता है।

विदेश मंत्रालय का बयान

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि जो भी व्यक्ति भारत में कानून द्वारा वांछित है, उसे वापस लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के लिए कई देशों की सरकारों से बातचीत चल रही है और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

कानूनी पेचीदगियाँ और प्रक्रिया

जायसवाल ने बताया कि ऐसे मामलों में कानूनी पेचीदगियाँ कई परतों वाली होती हैं। इसमें प्रत्यर्पण के लिए देशों के बीच द्विपक्षीय समझौते, कोर्ट की अनुमति और कानूनी दस्तावेजों का पालन शामिल है। बावजूद इसके, भारत सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि इन भगोड़ों को देश वापस लाकर न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।

भगोड़ों को लाने की प्रतिबद्धता

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि विजय माल्या और ललित मोदी जैसे भगोड़े कानूनी तौर पर वांछित हैं। भारत सरकार उनका प्रत्यर्पण सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए विभिन्न देशों के अधिकारियों के साथ बातचीत और कानूनी प्रक्रिया जारी है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति कानून से बचकर नहीं रह सके और सभी को न्याय के दायरे में लाया जाए।

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