साल 2025 में भारतीय इक्विटी म्युचुअल फंड्स का प्रदर्शन मिश्रित रहा। इंटरनेशनल और बैंकिंग फंड्स ने अच्छा रिटर्न दिया, जबकि स्मॉल और टेक्नोलॉजी फंड्स कमजोर रहे। AUM बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये हो गया।
Year Ender 2025: साल 2025 ने भारतीय इक्विटी म्युचुअल फंड्स के लिए मिश्रित प्रदर्शन का चित्र पेश किया। बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का असर इन फंड्स के रिटर्न पर देखा गया। अधिकांश कैटेगरी का एवरेज रिटर्न इस साल सिंगल डिजिट में रहा, लेकिन कुछ चुनिंदा कैटेगरी ने निवेशकों को शानदार रिटर्न देकर खुश किया।
इंटरनेशनल फंड्स ने दिखाया दम
इंटरनेशनल फंड्स ने साल 2025 में निवेशकों के लिए सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस कैटेगरी का एवरेज रिटर्न 25.96 फीसदी रहा। लॉन्ग टर्म में भी इंटरनेशनल फंड्स ने लगातार डबल डिजिट रिटर्न दिए हैं। पिछले तीन साल में यह कैटेगरी 26.56 फीसदी, पांच साल में 10.33 फीसदी और दस साल में 11.54 फीसदी का रिटर्न दे चुकी है। इस कैटेगरी की मजबूती निवेशकों को वैश्विक बाजारों में निवेश का अच्छा मौका देती रही है।
हालांकि, साल के दौरान कुछ गिरावट भी देखने को मिली, लेकिन इंटरनेशनल फंड्स ने इस साल भी सबसे अच्छा प्रदर्शन कर निवेशकों का भरोसा बनाए रखा। यह फंड खास तौर पर उन निवेशकों के लिए आकर्षक रहा जिन्होंने डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में ग्लोबल एक्सपोजर चाहा।
बैंकिंग फंड्स का मजबूत प्रदर्शन
बैंकिंग फंड्स की कैटेगरी ने साल 2025 में निवेशकों को 17.42 फीसदी का एवरेज रिटर्न दिया। यह कैटेगरी लॉन्ग टर्म में भी लगातार बेहतर रिटर्न दे रही है। पिछले तीन साल में बैंकिंग फंड्स ने 16.11 फीसदी, पांच साल में 16.85 फीसदी और दस साल में 13.71 फीसदी का रिटर्न दिया है।
बैंकिंग फंड्स की स्थिरता और मजबूत प्रदर्शन ने इसे लंबी अवधि के लिए निवेशकों का भरोसेमंद विकल्प बनाया। इस साल बैंकिंग सेक्टर में बढ़ी हुई क्रेडिट ग्रोथ और मजबूत बैलेंस शीट वाले बैंक फंड्स की मांग को और बढ़ावा मिला।
ऑटो और ट्रांसपोर्टेशन फंड्स में तेजी
ऑटो और ट्रांसपोर्टेशन फंड्स ने भी निवेशकों को साल 2025 में अच्छे रिटर्न दिए। इस कैटेगरी का एवरेज रिटर्न 17.32 फीसदी रहा। पिछले तीन साल में यह 29.85 फीसदी, पांच साल में 23.62 फीसदी और दस साल में 13 फीसदी का रिटर्न दे चुकी है।
ऑटो और ट्रांसपोर्टेशन फंड्स की बढ़त में वाहन बिक्री में सुधार, ईवी सेक्टर में निवेश और लॉजिस्टिक्स की मांग में तेजी का योगदान रहा। इस कैटेगरी ने निवेशकों को लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न के साथ भरोसा भी दिया।
बाकी इक्विटी कैटेगरी का हाल
अन्य कैटेगरी के फंड्स का प्रदर्शन मिश्रित रहा। लार्ज कैप फंड्स ने निवेशकों को इस साल 8.17 फीसदी का एवरेज रिटर्न दिया और सीमित उतार-चढ़ाव के बीच कुछ स्थिरता प्रदान की। मिड और मल्टी कैप फंड्स 2 से 3 फीसदी के रिटर्न के दायरे में सिमट गए।
वहीं स्मॉल कैप फंड्स निवेशकों के लिए निराशाजनक साबित हुए। इस कैटेगरी का एवरेज रिटर्न -5.31 फीसदी रहा। टेक्नोलॉजी सेक्टर फंड्स में भी 5.58 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जिससे इन फंड्स में निवेश करने वाले निवेशकों को उम्मीद के अनुरूप रिटर्न नहीं मिला।
2025 में इक्विटी फंड्स का AUM बढ़ा
रिटर्न कुछ खास नहीं रहने के बावजूद, साल 2025 में इक्विटी म्युचुअल फंड्स के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में शानदार बढ़त हुई। ICRA एनालिटिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ओपन-एंडेड इक्विटी फंड्स का आकार नवंबर 2024 में 30 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर नवंबर 2025 में 36 लाख करोड़ रुपये हो गया, यानी 17.45 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई।
इक्विटी फंड्स का AUM पिछले पांच वर्षों में चार गुना बढ़ा है। नवंबर 2020 में इन फंड्स का आकार 9 लाख करोड़ रुपये था, जो नवंबर 2025 में बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि लंबी अवधि में इक्विटी म्युचुअल फंड्स में निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।











