राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 की सोशल साइंस की किताब “Exploring Society: India and Beyond (Part-II)” को वापस लेकर सार्वजनिक माफी मांगी है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद उठाया गया, जिसमें न्यायपालिका से जुड़े विवादित अध्याय को लेकर किताब पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी। विवादित सामग्री लोगों के मन में न्यायपालिका के प्रति गलत धारणा पैदा कर सकती थी।
NCERT Apologizes For Controversial Book: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 की सोशल साइंस की किताब Exploring Society India and Beyond (Part-II) को वापस लेने और सार्वजनिक माफी मांगने का ऐलान किया है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद लिया गया, जिसमें न्यायपालिका से जुड़े विवादित अध्याय को लेकर किताब पर रोक लगाई गई। मामला देशभर में चर्चा में आया, क्योंकि किताब के विवादित अध्याय से न्यायपालिका की प्रतिष्ठा प्रभावित होने का खतरा था। NCERT ने कहा कि किताब अब कहीं भी उपलब्ध नहीं होगी और आगे ऐसी गलतियों को रोकने के लिए कड़ी समीक्षा की जाएगी।
NCERT ने विवादित किताब पर सार्वजनिक माफी दी
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 की सोशल साइंस की किताब Exploring Society: India and Beyond (Part-II) को वापस लेने और सार्वजनिक माफी मांगने का ऐलान किया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद उठाया गया, जिसमें न्यायपालिका से जुड़े विवादित अध्याय को लेकर किताब पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। NCERT ने स्पष्ट किया कि किताब अब कहीं भी उपलब्ध नहीं होगी।
दो हफ्ते पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस किताब की सभी छपी प्रतियां जब्त करने और डिजिटल संस्करण हटाने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा कि विवादित सामग्री लोगों के मन में न्यायपालिका के प्रति गलत धारणा पैदा कर सकती है।

विवादित अध्याय में क्या था शामिल
किताब के चौथे अध्याय हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित चर्चा थी। मीडिया में इसे लेकर सुर्खियां बनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि किसी को भी न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और कानून अपना काम करेगा।
NCERT ने स्वीकार किया कि अध्याय में यह सामग्री अनजाने में शामिल हुई और इसे एक गलत निर्णय माना गया। किताब की सप्लाई तुरंत रोक दी गई और मामले की गहन जांच का ऐलान किया गया।
कोर्ट के आदेश और NCERT की कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि किताब की सभी छपी प्रतियां जब्त की जाएं और ऑनलाइन उपलब्ध संस्करण तुरंत हटाए जाएं। केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में माफी मांगी। NCERT ने भी अखबारों में सार्वजनिक माफी का विज्ञापन प्रकाशित किया, जिसमें उन्होंने बिना शर्त माफी मांगी और बताया कि पूरी किताब वापस ली जा चुकी है।
अधिकारियों का कहना है कि आगे ऐसी सामग्री किताबों में शामिल न हो, इसके लिए प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।











