कानपुर। होली के बाद आयोजित होने वाला कानपुर का प्रसिद्ध गंगा मेला इस बार भी पूरे उत्साह और रंग-गुलाल के साथ मनाया जा रहा है। शहर की सड़कों पर हुरियारों की टोलियां ढोल-नगाड़ों और संगीत के साथ निकल रही हैं। लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर गंगा मेले की खुशियां मना रहे हैं।
इस बार मेले में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। पारंपरिक रूप से हुरियारे अक्सर भैंसा ठेला पर सवार होकर जुलूस निकालते हैं, लेकिन इस बार भैंसा ठेला उपलब्ध नहीं होने के कारण कई टोलियां ऊंट और ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर जुलूस में शामिल हुईं। इससे मेले में लोगों के बीच उत्साह और भी बढ़ गया।
शहर के विभिन्न इलाकों से निकलने वाले जुलूसों में लोग पारंपरिक परिधानों में नजर आए। हुरियारे रंग-गुलाल उड़ाते हुए नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और मिठाइयों के साथ ठंडाई व अन्य पकवानों की व्यवस्था भी की गई।
गंगा मेला कानपुर की एक ऐतिहासिक परंपरा है, जिसे होली के बाद बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन शहर में भाईचारे और उत्सव का अनोखा माहौल देखने को मिलता है। दूर-दूर से लोग इस मेले में शामिल होने के लिए आते हैं।
मेले के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था को भी नियंत्रित किया जा रहा है, ताकि मेले में आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।











