World Book Fair 2026: प्रगति मैदान में शुरू हुआ विश्व पुस्तक मेला: ज्ञान-इतिहास और संस्कृति का भव्य उत्सव

World Book Fair 2026: प्रगति मैदान में शुरू हुआ विश्व पुस्तक मेला: ज्ञान-इतिहास और संस्कृति का भव्य उत्सव

नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 10 जनवरी से शुरू हुए विश्व पुस्तक मेला 2026 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का प्रकाशन विभाग पूरी तैयारी के साथ हिस्सा ले रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस प्रतिष्ठित मेले में पाठकों को ज्ञान, इतिहास और संस्कृति से जुड़ी पुस्तकों का समृद्ध अनुभव मिलेगा।

Delhi News: राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान (भारत मंडपम) में आज से विश्व पुस्तक मेला 2026 का भव्य आगाज हो गया है। 10 जनवरी से 18 जनवरी 2026 तक चलने वाला यह नौ दिवसीय आयोजन देश और दुनिया के पुस्तक प्रेमियों के लिए ज्ञान, साहित्य और संस्कृति का अनूठा संगम लेकर आया है। इस प्रतिष्ठित मेले का आयोजन राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट (एनबीटी) द्वारा भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) के सहयोग से किया जा रहा है। राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है।

हर वर्ष की तरह इस बार भी विश्व पुस्तक मेला न केवल पुस्तकों की खरीद-बिक्री का केंद्र है, बल्कि यह विचारों के आदान-प्रदान, रचनात्मक संवाद और सांस्कृतिक सहभागिता का बड़ा मंच बनकर उभरा है।

भारतीय सैन्य इतिहास पर केंद्रित थीम

विश्व पुस्तक मेला 2026 की थीम इस वर्ष बेहद खास रखी गई है, भारतीय सैन्य इतिहास: 75 वर्ष की वीरता और बुद्धिमत्ता। इस थीम के तहत भारत की सैन्य परंपरा, रणनीतिक कौशल, शौर्य गाथाओं और राष्ट्र निर्माण में सशस्त्र बलों की भूमिका को दर्शाने वाली पुस्तकों की विशेष प्रस्तुति की गई है। यह थीम न केवल इतिहास प्रेमियों, बल्कि युवाओं और शोधकर्ताओं के लिए भी अत्यंत प्रेरणादायक मानी जा रही है।

विश्व पुस्तक मेला 2026 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग ने पूरी तैयारी के साथ भाग लिया है। विभाग अंग्रेजी, हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में प्रकाशित पुस्तकों की एक समृद्ध और विविध श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। सैन्य इतिहास के साथ-साथ भारतीय लोकतंत्र, संविधान, स्वतंत्रता आंदोलन और आधुनिक भारत से जुड़ी पुस्तकों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है।

प्रीमियम पुस्तकों की विशेष श्रृंखला

मेले में कला और संस्कृति, भारतीय इतिहास, सिनेमा, प्रमुख व्यक्तित्वों की जीवनियां, गांधीवादी साहित्य, भूमि और लोग, पर्यावरण तथा बाल साहित्य से जुड़ी पुस्तकों का विशाल खजाना मौजूद है। ये पुस्तकें न केवल ज्ञानवर्धक हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर समझने का अवसर भी देती हैं।प्रकाशन विभाग की प्रीमियम पुस्तक श्रृंखला इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसमें शामिल हैं—

  • राष्ट्रपति भवन श्रृंखला
  • राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के चयनित भाषण
  • महात्मा गांधी की रचनाएं
  • पंडित मदन मोहन मालवीय के विचार और लेखन

ये पुस्तकें शोधार्थियों, शिक्षाविदों और गंभीर पाठकों के लिए बेहद उपयोगी मानी जाती हैं। पुस्तकों के साथ-साथ प्रकाशन विभाग अपनी प्रसिद्ध पत्रिकाओं—योजना, कुरुक्षेत्र, आजकल और बाल भारती—का भी प्रदर्शन कर रहा है। इसके अतिरिक्त, आगंतुक यहां रोजगार समाचार और एम्प्लॉयमेंट न्यूज की वार्षिक सदस्यता भी ले सकते हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खास है।

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