Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar के संभावित राजनीतिक डेब्यू से Bihar की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। JDU विधायकों के साथ उनकी बैठक के बाद पार्टी में उनके जल्द औपचारिक प्रवेश की चर्चा तेज हो गई।
Patna: बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नई हलचल देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar के संभावित राजनीतिक डेब्यू को लेकर चर्चा तेज हो गई है। औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होने से पहले ही निशांत कुमार सक्रिय नजर आने लगे हैं। जदयू के कई विधायकों और नेताओं के साथ उनकी बैठक ने राज्य की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर अटकलों को और तेज कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में निशांत कुमार पार्टी के नेताओं और विधायकों से लगातार संपर्क में हैं और संगठन की स्थिति, भविष्य की रणनीति तथा युवाओं की भूमिका जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। इससे यह संकेत मिल रहा है कि वे जल्द ही सक्रिय राजनीति में औपचारिक रूप से प्रवेश कर सकते हैं।
जदयू विधायकों के साथ अहम बैठक
शुक्रवार को निशांत कुमार ने Sanjay Jha के आवास पर जदयू के करीब 24 विधायकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ युवा विधायक भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान संगठन की मजबूती, आगामी राजनीतिक रणनीति और बिहार के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बताया जाता है कि इस दौरान निशांत कुमार ने पार्टी नेताओं के विचार भी सुने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया।
बैठक में वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और युवा विधायकों के उत्साह को साथ लेकर आगे बढ़ने की बात भी सामने आई। पार्टी के कई नेताओं ने माना कि बदलते राजनीतिक माहौल में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है।
वरिष्ठ नेताओं और युवा विधायकों के साथ मंथन
इस बैठक में बिहार सरकार के परिवहन मंत्री Shravan Kumar समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक युवा विधायक भी बैठक में मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार, निशांत कुमार ने वरिष्ठ नेताओं के साथ पार्टी की भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। वहीं युवा विधायकों के साथ बातचीत में उन्होंने बिहार के विकास, युवाओं की भागीदारी और नई योजनाओं को लेकर विचार साझा किए।
आज जदयू में शामिल हो सकते हैं निशांत
पार्टी सूत्रों का कहना है कि 8 मार्च को निशांत कुमार औपचारिक रूप से Janata Dal (United) की सदस्यता ले सकते हैं। उनके राजनीति में आने की चर्चा पिछले कई महीनों से चल रही थी, लेकिन हाल की गतिविधियों ने इन चर्चाओं को और मजबूत कर दिया है।

बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान कई विधायकों ने निशांत कुमार के राजनीति में आने का खुलकर समर्थन किया। कुछ विधायकों ने हाथ उठाकर भी अपनी सहमति जताई। इससे साफ है कि पार्टी के भीतर उनके प्रवेश को लेकर सकारात्मक माहौल बन रहा है।
मुख्यमंत्री आवास की बैठक में भावुक पल
इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर जदयू के विधायकों और मंत्रियों की एक अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले को लेकर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान कई विधायकों ने मुख्यमंत्री से अपना फैसला बदलने का अनुरोध किया। कुछ विधायक इस मुद्दे पर भावुक भी हो गए। बताया जाता है कि बातचीत के दौरान माहौल इतना भावनात्मक हो गया कि कुछ विधायक रो भी पड़े।
राज्यसभा जाने के फैसले पर अड़े नीतीश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट कर दिया कि वे राज्यसभा जाना चाहते हैं। उन्होंने विधायकों से कहा कि इस फैसले को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है और वे वहां से भी बिहार के विकास कार्यों पर नजर रखेंगे।
बैठक में मौजूद नेताओं में Vijay Kumar Chaudhary और Vinay Chaudhary समेत कई विधायकों ने उनसे अपना निर्णय बदलने का आग्रह किया। हालांकि मुख्यमंत्री अपने फैसले पर अडिग रहे और उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका निर्णय सोच-समझकर लिया गया है।
नई सरकार के फॉर्मूले पर चर्चा
राज्यसभा के लिए नामांकन की प्रक्रिया के बाद बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार नए मंत्रिमंडल में कुल 36 मंत्री शामिल किए जा सकते हैं।
संभावित फॉर्मूले के अनुसार Bharatiya Janata Party को 17 मंत्री पद मिल सकते हैं, जबकि जदयू के हिस्से में 15 मंत्री पद आने की संभावना है। इसके अलावा Lok Janshakti Party (Ram Vilas) को दो मंत्री पद मिल सकते हैं।
वहीं Hindustani Awam Morcha और Rashtriya Lok Morcha को एक-एक मंत्री पद दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस फॉर्मूले पर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है।
आज बख्तियारपुर जाएंगे मुख्यमंत्री
राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को अपने गृह क्षेत्र Bakhtiyarpur के दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वे क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री Bakhtiyarpur Engineering College का निरीक्षण भी करेंगे। इसके अलावा वे अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।











