महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2025 के मेगा ऑक्शन में भारतीय क्रिकेटर शिखा पांडे की खरीदारी ने सभी को चौंका दिया। अनुभवी तेज गेंदबाज को यूपी वॉरियर्स ने उनके बेस प्राइस 40 लाख रुपये से छह गुना अधिक यानी 2.40 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: महिला प्रीमियर लीग के मेगा ऑक्शन में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। भारतीय अनुभवी तेज गेंदबाज शिखा पांडे को यूपी वॉरियर्स ने 2.40 करोड़ रुपये की भारी कीमत पर खरीदा। 36 साल की शिखा पांडे, जो 2023 से भारतीय टीम से बाहर हैं, इस कीमत के साथ ऑक्शन में सबसे महंगी भारतीय खिलाड़ियों में से एक बन गई हैं। यह रकम उनकी बेस प्राइस 40 लाख रुपये से लगभग 6 गुना अधिक है।
शिखा पांडे: अनुभवी तेज गेंदबाज और टीम की रणनीति
36 वर्षीय शिखा पांडे भारतीय टीम के लिए लंबे समय तक एक भरोसेमंद तेज गेंदबाज रही हैं। उन्होंने भारत के लिए 62 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले और 43 विकेट लिए, जिनमें उनकी इकॉनमी रेट 6.49 रही है। 2017 में शिखा ने भारतीय टीम के साथ वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक का सफर तय किया, जो उनके अनुभव और क्षमता का प्रतीक है।
इसके अलावा, शिखा भारतीय वायु सेना में स्क्वाड्रन लीडर भी हैं। यह उनकी अनुशासन और मानसिक मजबूती को दर्शाता है। उनके अनुभव, खेल की गहरी समझ और नेतृत्व कौशल के कारण टीम फ्रेंचाइजी उन्हें 'शिखिपीडिया' कहकर प्यार से बुलाती हैं।

टीमों में कड़ी बोली और रणनीतिक जंग
यूपी वॉरियर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) के बीच शिखा पांडे को लेकर जोरदार बोली हुई। इस कड़ी प्रतिस्पर्धा ने उनकी कीमत 2.40 करोड़ रुपये तक पहुंचा दी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल अनुभव और कौशल के कारण नहीं, बल्कि टीमों की रणनीति और मैच में निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता के कारण हुआ।
शिखा पांडे की गेंदबाजी में कंट्रोल और स्विंग जैसी खासियत है, जो तेज गेंदबाजों के लिए बेहद मांग वाली है। पिछले WPL सीजन में उन्होंने 27 मैच खेले और 30 विकेट लिए, साथ ही उनकी इकॉनमी रेट 6.96 रही। यह प्रदर्शन स्पष्ट करता है कि फ्रेंचाइजी उन्हें किसी भी मैच में गेम चेंजर के रूप में देखती हैं।
यूपी वॉरियर्स ने शिखा पांडे को खरीदकर अपनी गेंदबाजी लाइनअप को अनुभवी नेतृत्व और स्थिरता प्रदान करने का उद्देश्य रखा है। टीम प्रबंधन का मानना है कि शिखा किसी भी मैच के संकट में निर्णायक प्रदर्शन कर सकती हैं। 2.40 करोड़ रुपये का निवेश इस रणनीति का संकेत है, जो कि टीम के लिए लंबी अवधि में फायदेमंद साबित होगा।











