वाराणसी में सामने आए बड़े कफ सिरप तस्करी मामले में नया मोड़ आया है। इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड माने जा रहे शुभम जायसवाल के देश छोड़कर दुबई भाग जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह रांची से कोलकाता पहुँचा और वहाँ से दुबई के लिए उड़ान भरकर फरार हो गया।
जांच में खुलासा हुआ है कि रैकेट फर्जी कंपनियों और फर्जी बिलिंग का इस्तेमाल कर लंबे समय से कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई कर रहा था। ये सिरप नशे के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे थे, जिनकी बड़ी खेप अलग-अलग राज्यों और पड़ोसी देशों तक भेजी जा रही थी।
तस्करी नेटवर्क फर्जी पते, फर्जी लाइसेंस और फर्जी बिलिंग का उपयोग कर रहा था। इस रैकेट से जुड़े 126 फार्मा फर्म और इकाइयाँ अब जांच के दायरे में हैं।
कोडीन सिरप की सप्लाई उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, नेपाल और बांग्लादेश तक फैली हुई थी। कई जिलों में छापेमारी तेज हो गई है और पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
कोडीनयुक्त कफ सिरप को अवैध तरीके से बेचने से यह नशे का बड़ा स्रोत बन जाता है, जो युवाओं के लिए बेहद खतरनाक है। इस तस्करी नेटवर्क के उजागर होने से दवा नियमन व्यवस्था की खामियाँ भी सामने आई हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में कंपनियाँ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सक्रिय थीं।
घटना के बाद दवा विभाग और पुलिस ने फार्मा कंपनियों, स्टॉकिस्टों और गोदामों की जांच तेज कर दी है। कई जिलों में रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और जहां भी अनियमितताएँ मिलीं, कार्रवाई की तैयारी है।










