मंदसौर में सरपंच चुनाव की रंजिश में भानेंद्र सिंह की हत्या कर दी गई, उनका बेटा गंभीर घायल है। आरोपियों में चुनाव हारने वाला भी शामिल है। पुलिस ने चार आरोपियों पर मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की तैयारी शुरू कर दी।
Madhya Pradesh: मंदसौर के भावगढ़ थाना क्षेत्र के मऊखेड़ी गांव में गुरुवार रात को एक हिंसक झड़प हुई। गांव के ही चार आरोपियों ने दूध देने जा रहे 20 वर्षीय अजय राय सिंह को रास्ते में रोककर धमकाया। पुलिस के अनुसार, हमलावरों के पास 12 बोर की बंदूक भी थी।
घटना की जानकारी मिलने पर अजय का पिता भानेंद्र सिंह (40) खेत पर जाकर आरोपियों से बात करने पहुंचे। बातचीत के दौरान अचानक भानेंद्र पर हमला कर दिया गया। एक आरोपी ने चाकू से भानेंद्र के पेट में वार किया। इसके बाद अजय पर भी चाकू और लाठियों से हमला किया गया।
भानेंद्र को परिजन अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। शव को जिला अस्पताल की मर्च्युरी में रखा गया है। आज उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा।
बेटे और परिवार के अन्य सदस्य घायल
हमले में अजय की पसली में गंभीर चोटें आई हैं और उनके सिर में चार टांके आए हैं। उन्हें जिला अस्पताल, मंदसौर में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना के दौरान भानेंद्र के छोटे भाई के साथ भी मारपीट हुई। परिवार ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने चाकूबाजी के बाद 12 बोर की बंदूक से हवाई फायरिंग भी की।
सरपंच चुनाव रंजिश कारण
पुलिस जांच में सामने आया कि यह हमला सरपंच चुनाव की पुरानी रंजिश का परिणाम था। आरोपियों में से एक शैलेन्द्र सिंह 2022 में सरपंच का चुनाव हार गया था। भानेंद्र सिंह ने उस चुनाव में शैलेन्द्र के प्रतिद्वंद्वी योगेंद्र सिंह का समर्थन किया था।
शैलेन्द्र और अन्य आरोपियों ने चुनाव हारने के बाद से भानेंद्र और उसके परिवार के प्रति दुश्मनी रखी। मृतक के चचेरे भाई विश्वराज सिंह ने बताया कि शैलेन्द्र और उसके साथी लंबे समय से बदला लेने की योजना बना रहे थे।
पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की तलाश
एसडीओपी कीर्ति बघेल ने बताया कि चार आरोपियों - शैलेन्द्र सिंह, देवेंद्र सिंह, महेंद्रपाल सिंह और मोर सिंह, के खिलाफ हत्या और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी है। घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस पड़ोसियों और गवाहों से भी पूछताछ कर रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस का कहना है कि हमला अचानक हुआ, और पहले अजय को डराया-धमकाया गया, फिर पिता ने समझाने के लिए बीच में आए। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ा और हमले का परिणाम जानलेवा साबित हुआ। यह मामला चुनाव की रंजिश और पुराने मतभेदों का उदाहरण है। पुलिस ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है।
परिवार की प्रतिक्रिया
गांव में यह घटना होने के बाद हड़कंप मच गया। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव हारने के बाद से आरोपी शैलेन्द्र सिंह और उसके साथी लंबे समय से दुश्मनी रख रहे थे।












