5G ने भारत को दिलाई डिजिटल बढ़त, पाकिस्तान अभी योजनाओं में उलझा

5G ने भारत को दिलाई डिजिटल बढ़त, पाकिस्तान अभी योजनाओं में उलझा

भारत में 5G नेटवर्क की मजबूत शुरुआत ने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में देश को नई बढ़त दिलाई है, जबकि पाकिस्तान अब भी 5G लॉन्च का इंतजार कर रहा है। भारत जहां 6G की तैयारी में जुट चुका है, वहीं पाकिस्तान 5G के बुनियादी ढांचे से भी पीछे नजर आ रहा है।

India 5G Network: भारत ने 1 अक्टूबर 2022 को 5G सेवाओं की शुरुआत कर डिजिटल कनेक्टिविटी में बड़ा कदम उठाया। Jio, Airtel और Vodafone Idea जैसी टेलीकॉम कंपनियों ने देशभर में 5G नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया, जिससे बड़े शहरों के साथ छोटे कस्बों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचा। दूसरी ओर, पाकिस्तान में 5G अब भी योजनाओं तक सीमित है और इसके 2025 तक लॉन्च होने की उम्मीद है। आर्थिक चुनौतियों और नीतिगत देरी के कारण पाकिस्तान इस रेस में भारत से कई साल पीछे बना हुआ है।

भारत में 5G की मजबूत शुरुआत

भारत ने 1 अक्टूबर 2022 को 5G नेटवर्क लॉन्च कर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई। लॉन्च के तुरंत बाद निजी टेलीकॉम कंपनियों ने इसके विस्तार पर तेज़ी से काम शुरू किया। Jio सबसे पहले आम यूजर्स तक 5G सेवा पहुंचाने वाली कंपनी बनी, जिसके बाद Airtel और फिर Vodafone Idea भी इस रेस में शामिल हुईं।

आज स्थिति यह है कि देश के ज्यादातर बड़े शहरों के साथ-साथ कई छोटे कस्बों में भी 5G नेटवर्क उपलब्ध है। हाई-स्पीड इंटरनेट, बेहतर कॉल क्वालिटी और डिजिटल सेवाओं में सुधार ने भारत को टेक्नोलॉजी के मामले में मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया है।

पाकिस्तान में 5G अब भी इंतजार में

वहीं पाकिस्तान में 5G नेटवर्क अब भी सिर्फ योजनाओं और घोषणाओं तक सीमित है। पिछले कई सालों से वहां 5G लॉन्च को लेकर चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन हर बार किसी न किसी वजह से यह टलता रहा। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में 2025 तक 5G लॉन्च होने की उम्मीद जताई जा रही है।

अगर ऐसा होता भी है, तो पाकिस्तान भारत से करीब चार साल पीछे रहेगा। इतना ही नहीं, लॉन्च के बाद नेटवर्क के विस्तार में भी वहां की टेलीकॉम कंपनियों को लंबा समय लग सकता है। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा, जिन्हें हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए अभी और इंतजार करना होगा।

6G की तैयारी में भारत

भारत में 5G के स्थिर होते ही अब 6G टेक्नोलॉजी को लेकर रिसर्च और प्लानिंग शुरू हो चुकी है। सरकार और टेक कंपनियां भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर अगली पीढ़ी की तकनीक पर काम कर रही हैं।

दूसरी ओर, पाकिस्तान अभी बुनियादी 5G नेटवर्क तक नहीं पहुंच पाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक चुनौतियां, नीतिगत देरी और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी इसकी बड़ी वजह हैं। ऐसे में टेक्नोलॉजी की रफ्तार में दोनों देशों के बीच का अंतर और बढ़ सकता है।

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