आगरा: सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय होने और फॉलोअर्स बढ़ाने की चाहत में एक युवती ने ऐसा कदम उठाया, जिसने लोगों को हैरान कर दिया। युवती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उसने दावा किया कि उसने कीटनाशक पी लिया है और अब वह जिंदा नहीं बचेगी। वीडियो के साथ लिखा गया एक भावनात्मक संदेश भी लोगों के बीच तेजी से वायरल होने लगा।
वीडियो के कैप्शन में युवती ने पंजाबी और हिंदी मिश्रित भाषा में लिखा— “अब करना ब्लॉक… तू मैनू खो बैठेगा।” इस संदेश को देखकर उसके दोस्त, रिश्तेदार और सोशल मीडिया फॉलोअर्स घबरा गए। कई लोगों ने तुरंत उसे कॉल और मैसेज करना शुरू कर दिया ताकि उसकी हालत के बारे में पता चल सके।
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, उसे देखने वालों में हड़कंप मच गया। युवती के कई परिचितों ने सोचा कि उसने वास्तव में आत्महत्या की कोशिश की है। कुछ लोगों ने तुरंत उसके परिवार वालों से संपर्क करने की कोशिश की, जबकि कई लोग उसकी लोकेशन का पता लगाने में जुट गए।
वीडियो और पोस्ट कुछ ही समय में तेजी से वायरल होने लगे। लोगों ने इसे अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर करना शुरू कर दिया। कई यूजर्स ने इस पोस्ट को देखकर चिंता जताई और युवती की सलामती के लिए दुआ भी की।
हालांकि कुछ समय बाद मामला पूरी तरह अलग निकला। जानकारी सामने आई कि युवती ने वास्तव में कीटनाशक नहीं पिया था। यह पूरा वीडियो सिर्फ सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचने और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए बनाया गया एक फर्जी स्टंट था।
बताया जा रहा है कि युवती ने पहले से ही इस वीडियो को प्लान किया था। उसने ऐसा वीडियो बनाकर पोस्ट किया ताकि लोग उसके पोस्ट पर ज्यादा से ज्यादा प्रतिक्रिया दें और उसके अकाउंट की लोकप्रियता बढ़े। लेकिन जैसे ही लोगों को इस सच्चाई का पता चला, सोशल मीडिया पर उसकी काफी आलोचना होने लगी।
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने युवती की इस हरकत की जमकर आलोचना की। कई लोगों ने कहा कि इस तरह के वीडियो बनाना बेहद गैरजिम्मेदाराना है। कुछ यूजर्स का कहना था कि आत्महत्या जैसे गंभीर विषय का मजाक बनाना गलत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।
कई लोगों ने यह भी कहा कि ऐसे फर्जी वीडियो के कारण जब वास्तव में कोई व्यक्ति संकट में होता है तो लोग उसे गंभीरता से नहीं लेते। इसलिए सोशल मीडिया पर इस तरह के स्टंट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने की होड़ में कई लोग खतरनाक और सनसनीखेज तरीके अपनाने लगे हैं। लाइक, व्यू और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए लोग कभी फर्जी प्रैंक करते हैं तो कभी जोखिम भरे वीडियो बनाते हैं।
हाल के वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए झूठी कहानियां, फर्जी हादसे या आत्महत्या जैसे संवेदनशील विषयों का इस्तेमाल किया है। इससे न केवल लोगों में भ्रम फैलता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को भी हल्के में लिया जाने लगता है।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करना चाहिए। किसी भी तरह की लोकप्रियता पाने के लिए ऐसे खतरनाक और भ्रामक कंटेंट बनाना गलत है। इससे न सिर्फ दूसरों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है बल्कि कभी-कभी खुद व्यक्ति के लिए भी परेशानी खड़ी हो सकती है।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल किस तरह लोगों में डर और भ्रम पैदा कर सकता है। इसलिए जरूरी है कि लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग सोच-समझकर करें और ऐसी कोई भी सामग्री पोस्ट न करें, जिससे समाज में गलत संदेश जाए।












