AI चैटबॉट पर चीन की सख्ती, सरकारी दफ्तरों और बैंकों में इस्तेमाल पर रोक

AI चैटबॉट पर चीन की सख्ती, सरकारी दफ्तरों और बैंकों में इस्तेमाल पर रोक

चीन ने सुरक्षा चिंताओं के चलते एआई चैटबॉट OpenClaw के इस्तेमाल पर सख्ती बढ़ा दी है। सरकार ने इसे सरकारी दफ्तरों, बैंकों और संवेदनशील संस्थानों में प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही सरकारी कर्मचारियों और सेना से जुड़े लोगों को निजी डिवाइस पर भी इस टूल से दूर रहने की सलाह दी गई है।

OpenClaw AI Ban: चीन सरकार ने हाल के महीनों में तेजी से लोकप्रिय हो रहे एआई चैटबॉट OpenClaw के उपयोग पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। सरकारी आदेश के तहत देश के सरकारी कार्यालयों, बैंकों और संवेदनशील संस्थानों में इस टूल के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। यह फैसला तब लिया गया जब सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी दी कि यह ओपन-सोर्स एआई असिस्टेंट कंप्यूटर सिस्टम, ईमेल और फाइलों तक गहरी पहुंच बना सकता है, जिससे सरकारी या सैन्य डेटा लीक होने का खतरा बढ़ सकता है। इसी कारण कर्मचारियों को निजी डिवाइस पर भी इसे इस्तेमाल न करने की सलाह दी गई है।

सरकारी दफ्तरों और कर्मचारियों पर सख्त निर्देश

चीन में पिछले कुछ महीनों के दौरान OpenClaw चैटबॉट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा था। कई टेक डेवलपर्स और एआई कंपनियां इसे प्रमोट कर रही थीं, जिसके बाद कुछ सरकारी विभागों में भी इसका उपयोग शुरू हो गया था।

हालांकि, नियामक एजेंसियां लगातार इसके संभावित खतरे को लेकर चेतावनी देती रही थीं। अब सरकार ने साफ निर्देश जारी करते हुए सरकारी दफ्तरों, बैंकों और संवेदनशील संस्थानों में इस टूल के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।

पर्सनल डिवाइस पर भी सावधानी बरतने की सलाह

सरकारी आदेश में कर्मचारियों को यह भी कहा गया है कि वे अपने निजी कंप्यूटर या मोबाइल पर भी OpenClaw का उपयोग करने से बचें। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अगर इस तरह के टूल के जरिए कोई संवेदनशील जानकारी एक्सेस हो गई तो वह अनजाने में भी बाहर जा सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार चीनी सेना से जुड़े परिवारों को भी इस चैटबॉट को लेकर अलर्ट किया गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्तर पर सैन्य या सरकारी डेटा जोखिम में न पड़े।

क्या है OpenClaw और क्यों बढ़ी चिंता

OpenClaw एक ओपन-सोर्स एआई असिस्टेंट है जो सीधे कंप्यूटर पर काम करता है और यूजर को कई तरह के सिस्टम एक्सेस देता है। परमिशन मिलने पर यह ईमेल पढ़ सकता है, कैलेंडर चेक कर सकता है, डॉक्यूमेंट्स का विश्लेषण कर सकता है और कुछ कमांड अपने आप रन कर सकता है।

यही वजह है कि इसकी ताकत को लेकर सुरक्षा एजेंसियां चिंतित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी सिस्टम में यह टूल गलत तरीके से इस्तेमाल हो जाए तो फाइल्स और ईमेल जैसे संवेदनशील डेटा तक पहुंच संभव हो सकती है, जिससे डेटा लीक का खतरा बढ़ जाता है।

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