ईरान पर अमेरिका के हमलों के बाद कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने परिसर में घुसने की कोशिश की। सुरक्षा बलों और अमेरिकी मरीन के बीच झड़प हुई, जिसमें कई लोग घायल और कुछ मारे गए।
America: ईरान पर अमेरिका के हमलों के बाद पाकिस्तान के कराची शहर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर हिंसक प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारी अमेरिकी कार्रवाई के विरोध में दूतावास परिसर के पास इकट्ठा हुए और सुरक्षा बलों से भिड़ गए। इस दौरान भारी तनाव और झड़प की स्थिति बनी।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रदर्शनकारियों की संख्या बड़ी थी और उन्होंने दूतावास परिसर में घुसने की कोशिश की। यह प्रदर्शन विशेष रूप से ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद उभरे गुस्से का परिणाम माना जा रहा है। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि इस हिंसक झड़प में कई लोग घायल हुए और कुछ की मौत की खबरें आई हैं।
अमेरिकी रूढ़िवादी कार्यकर्ता की कड़ी मांग
इसी बीच अमेरिकी रूढ़िवादी कार्यकर्ता लॉरा लूमर ने अमेरिका के विदेश विभाग और सीनेटर मार्को रुबियो से पाकिस्तानियों के सभी वीजा और ग्रीन कार्ड रद्द करने की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग को पाकिस्तानियों के सभी वीजा निलंबित कर देने चाहिए।
लूमर का दावा है कि पाकिस्तान में हुए प्रदर्शनकारियों की संख्या कम नहीं थी और कुछ प्रदर्शनकारी अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के कड़ी सुरक्षा वाले परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने लिखा कि दूतावास पर अमेरिकी मरीन तैनात थे और कुछ प्रदर्शनकारियों को मौके पर ही गोली लगी।
हताहतों और गोलीबारी का विवाद

लूमर ने अपने पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि दोपहर में प्रदर्शनकारी दोबारा दूतावास में घुसने की कोशिश कर रहे थे, जिसके दौरान कई लोगों को गोली लगी और उनकी मौत हो गई। उन्होंने लिखा कि दूतावास पर तैनात अमेरिकी मरीन ने पाकिस्तानियों को आतंकवादियों के रूप में निशाना बनाया।
हालांकि, अभी तक हताहतों की संख्या और गोलीबारी की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि गोलीबारी अमेरिकी मरीन ने की थी या स्थानीय पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने।
पाकिस्तान की आलोचना
लूमर ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पहले ओसामा बिन लादेन को शरण दी थी और वहां कट्टरपंथ को बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अमेरिका और भारत के खिलाफ हिंसा को भड़काता है।
लूमर ने इस अवसर पर भारत का नाम भी लिया और कहा कि पाकिस्तान अपनी नीतियों के माध्यम से क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर रहा है और भारत समेत अन्य देशों के खिलाफ हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी
इस मांग के बावजूद अमेरिकी विदेश विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। कराची में अमेरिकी सैन्य और वाणिज्यिक प्रतिनिधित्व के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पहले भी हो चुके हैं।
पाकिस्तान में अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन और हिंसा का बढ़ना ईरान-इजरायल जंग के साथ जुड़ा हुआ है। क्षेत्रीय तनाव के बीच पाकिस्तान में इस तरह की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं।












