उत्तर प्रदेश के नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) में इस बार बजट को लेकर बड़ी तैयारी चल रही है। प्राधिकरण की रिव्यू बैठक में संकेत दिए गए हैं कि आगामी वित्तीय वर्ष में नोएडा का कुल बजट 9000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह अब तक के सबसे बड़े बजटों में से एक माना जा रहा है।
बैठक में करीब 2200 करोड़ रुपये के विकास प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देने पर चर्चा हुई। इनमें बुनियादी ढांचा, सड़क निर्माण, सीवर और जल आपूर्ति, हरित क्षेत्र विकास तथा ग्राम विकास से जुड़े कार्य शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर के तेजी से विस्तार और बढ़ती आबादी को देखते हुए बड़े पैमाने पर निवेश जरूरी है।
राजस्व बढ़ाने के लिए ग्राम विकास शुल्क और जल राजस्व में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि जल उपभोग और अन्य सेवाओं से मिलने वाले राजस्व को बेहतर ढंग से संग्रहित किया जाए तो प्राधिकरण की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही लंबित बकाया की वसूली पर भी जोर दिया जाएगा।
रिव्यू बैठक में यह भी कहा गया कि अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। शहर में ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, नई सड़कों का निर्माण और सेक्टरों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना प्राथमिकता में रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी सुविधाओं से जोड़ने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
अधिकारियों ने संकेत दिए कि बजट का बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर और जनसुविधाओं पर खर्च होगा। इसके अलावा स्मार्ट सिटी से जुड़े कुछ प्रस्तावों पर भी विचार किया जा रहा है।
यदि प्रस्तावित योजनाओं को मंजूरी मिलती है तो 9000 करोड़ का बजट नोएडा के विकास को नई गति दे सकता है। आने वाले दिनों में प्राधिकरण की औपचारिक बैठक में अंतिम रूप से बजट प्रस्ताव पारित किया जाएगा। फिलहाल रिव्यू बैठक के बाद शहर में विकास कार्यों को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।












