बीसीसीआई में नौकरी: सैलरी पाने के लिए कितनी पढ़ाई जरूरी और टीम में एंट्री कैसे होती है

बीसीसीआई में नौकरी: सैलरी पाने के लिए कितनी पढ़ाई जरूरी और टीम में एंट्री कैसे होती है

टीम इंडिया में जगह और बीसीसीआई सैलरी पाने के लिए पढ़ाई की नहीं, बल्कि लगातार अच्छा प्रदर्शन, फिटनेस और अनुशासन अहम हैं। स्कूल और कॉलेज क्रिकेट से शुरुआत कर खिलाड़ी जिला, राज्य और घरेलू टूर्नामेंट में प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय टीम तक पहुंच सकते हैं। आईपीएल भी खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच साबित होता है।

Team India Selection and BCCI Salary: टीम इंडिया में शामिल होने और बीसीसीआई सैलरी पाने के लिए क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन, फिटनेस और अनुशासन सबसे जरूरी हैं। यह प्रक्रिया स्कूल और कॉलेज क्रिकेट से शुरू होकर जिला, राज्य और घरेलू टूर्नामेंट जैसे रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी तक जाती है। आईपीएल भी खिलाड़ियों को इंडिया ए या नेशनल टीम में अवसर दिलाने का बड़ा मंच बन चुका है। चयन के दौरान प्रदर्शन के साथ अनुशासन और टीम के प्रति जिम्मेदारी को अहम माना जाता है।

टीम इंडिया में एंट्री का रास्ता

टीम इंडिया तक पहुंचने की शुरुआत स्कूल और कॉलेज क्रिकेट से होती है। इसके बाद खिलाड़ी जिला और राज्य स्तर के टूर्नामेंट खेलते हैं, जैसे रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी। इन टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की नजर चयनकर्ताओं पर पड़ती है।

आईपीएल भी वर्तमान समय में खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच बन गया है। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी इंडिया ए या सीधे नेशनल टीम में अवसर पा सकते हैं। लगातार अच्छे प्रदर्शन, अनुशासन और टीम के प्रति जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए ही खिलाड़ी टीम में टिक सकते हैं।

बीसीसीआई सैलरी स्ट्रक्चर

  • ग्रेड A+: 7 करोड़ रुपये सालाना
  • ग्रेड A: 5 करोड़ रुपये सालाना
  • ग्रेड B: 3 करोड़ रुपये सालाना
  • ग्रेड C: 1 करोड़ रुपये सालाना

सिर्फ टैलेंट ही नहीं, बल्कि फिटनेस, अनुशासन और टीम के नियमों का पालन भी टीम में बने रहने के लिए बेहद जरूरी है। जो खिलाड़ी इन बातों में पीछे रह जाते हैं, उन्हें जल्दी टीम से बाहर भी किया जा सकता है।

अनुशासन और फिटनेस का महत्व

टीम इंडिया में टिके रहने के लिए नियमित अभ्यास, फिटनेस टेस्ट और टीम के निर्देशों का पालन अनिवार्य है। खिलाड़ियों को टीम के प्रति जिम्मेदारी और अनुशासन बनाए रखना होता है। यह सुनिश्चित करता है कि खिलाड़ी लंबे समय तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल सकें।

टीम इंडिया में जगह बनाने और बीसीसीआई सैलरी पाने के लिए पढ़ाई कम और क्रिकेट प्रदर्शन ज्यादा मायने रखता है। लगातार अच्छा प्रदर्शन, फिटनेस, अनुशासन और टीम के प्रति जिम्मेदारी ही सफलता की कुंजी है। यह खिलाड़ी को न केवल टीम में टिकने में मदद करता है, बल्कि लंबे समय तक करियर बनाने के अवसर भी देता है।

Leave a comment