भारत-इंडोनेशिया रक्षा सहयोग: ब्रह्मोस मिसाइल डील का अंतिम चरण, राजनाथ सिंह ने दी विस्तृत जानकारी

भारत-इंडोनेशिया रक्षा सहयोग: ब्रह्मोस मिसाइल डील का अंतिम चरण, राजनाथ सिंह ने दी विस्तृत जानकारी

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की स्वदेशी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने पाकिस्तान में आतंकी और सैन्य ठिकानों पर भारी तबाही मचाकर अपनी सटीकता और ताकत दुनिया के सामने साबित कर दी थी।

नई दिल्ली: भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग को लेकर अहम बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों ने ब्रहमोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की संभावित डील पर अंतिम चरण की चर्चा की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंडोनेशियाई पक्ष ने भारत की ब्रह्मोस मिसाइल में रुचि जताई है और दोनों देशों ने रक्षा उद्योग में संयुक्त सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

गुरुवार को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और इंडोनेशिया के रक्षामंत्री स्याफरी स्यामसुद्दीन शामिल हुए। बैठक के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल के तकनीकी विवरण, क्षमता और संचालन पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया जा रहा है कि बैठक में भारत द्वारा इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल का एक मॉडल भी गिफ्ट किया गया।

ब्रह्मोस: भारत का सुपरसोनिक हथियार

ब्रहमोस मिसाइल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में आतंकियों और सैन्य ठिकानों पर तैनात होकर अपनी सटीकता और मारक क्षमता साबित कर चुकी है। इसकी सफलता के बाद भारत ने इस स्वदेशी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के संभावित विदेशी खरीदारों की तलाश तेज कर दी। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रह्मोस मिसाइल की बिक्री से इंडोनेशिया की समुद्री सुरक्षा क्षमता और आक्रामक रक्षा ढांचा मजबूत होगा।

बैठक के दौरान दोनों देशों ने ज्वाइंट डिफेंस इंडस्ट्री कोऑपरेशन कमिटी बनाने पर सहमति जताई। इस समिति का उद्देश्य रक्षा तकनीक हस्तांतरण, संयुक्त अनुसंधान एवं विकास, और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग को बढ़ावा देना है। यह कदम दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति देगा और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा एवं स्थिरता को बढ़ावा देगा।

समुद्री और साइबर सुरक्षा में सहयोग

भारत और इंडोनेशिया ने समुद्री क्षेत्र की जागरूकता, साइबर सुरक्षा और संयुक्त परिचालन क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इसके अलावा दोनों पक्षों ने तीनों सेनाओं के बीच बढ़ते संयुक्त अभ्यास और मिशनों की सराहना की। इनमें सुपर गरुड़ शील्ड, गरुड़ शक्ति, समुद्र शक्ति, मिलन और आगामी एयर मैन्युवर एक्सरसाइज शामिल हैं।

दोनों देशों ने सैनिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सैन्य शिक्षा संस्थानों में आदान-प्रदान और अधिकारी विज़िट बढ़ाने पर सहमति जताई। इससे इंटरऑपरेबिलिटी और ज्ञान-साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा पनडुब्बी निर्माण क्षमता, रक्षा चिकित्सा और फार्मा सहयोग जैसे क्षेत्र में भी वार्ता हुई। इंडोनेशिया ने भारत की स्कॉर्पीन श्रेणी पनडुब्बियों और सप्लाई-चेन प्रबंधन को अत्यंत मूल्यवान बताते हुए इस पर सीखने की इच्छा जताई।

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