ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद भारत में सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है। गृह मंत्रालय ने राज्यों को संभावित हिंसा, भड़काऊ गतिविधियों और सोशल मीडिया अफवाहों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को कानून व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है।
New Delhi: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे लगातार हमलों के बाद पूरी दुनिया में तनाव का माहौल है। कई देशों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और हालात तेजी से बदल रहे हैं। इसी बीच भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर संभावित हिंसा को लेकर सतर्क रहने को कहा है।
मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष का असर केवल युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। ऐसे में भारत ने एहतियाती कदम उठाते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया है।
गृह मंत्रालय का राज्यों को निर्देश
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में कहा गया है कि ईरान पर हो रहे हमलों के बाद देश के कुछ हिस्सों में प्रदर्शन देखने को मिले हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए पहले से तैयारी रखने की जरूरत है।
पत्र में विशेष रूप से यह कहा गया है कि भड़काऊ भाषण देने वाले कट्टरपंथी तत्वों की पहचान की जाए। सोशल मीडिया और सार्वजनिक सभाओं पर भी नजर रखने की सलाह दी गई है। सरकार का मानना है कि किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे की स्थिति को समय रहते नियंत्रित करना जरूरी है।
ईरान पर लगातार हमले

ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई बड़े शहरों पर हमले जारी हैं। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत की खबर ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
अमेरिका का दावा है कि इस अभियान में कई शीर्ष नेता और सैन्य कमांडर मारे गए हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कहा है कि जब तक अमेरिका के मकसद पूरे नहीं होंगे, तब तक कार्रवाई जारी रहेगी।
ईरान का जवाबी हमला
हमलों के जवाब में ईरान ने भी मिडिल ईस्ट में कई ठिकानों को निशाना बनाया है। इजरायल के अलावा कुवैत, यूएई, कतर और बहरीन जैसे देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए हैं। अमेरिका ने अपने तीन सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। हालांकि ईरान का दावा है कि अमेरिकी नुकसान इससे कहीं ज्यादा है।
भारत में क्यों बढ़ी चिंता
ईरान के घटनाक्रम के बाद कई देशों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। कुछ जगहों पर ये प्रदर्शन हिंसक भी हुए हैं। भारत में भी अलग-अलग शहरों में छोटे स्तर पर विरोध की खबरें सामने आई हैं।
इसी को देखते हुए गृह मंत्रालय ने राज्यों को आगाह किया है कि किसी भी संभावित तनाव को समय रहते रोका जाए। विशेष रूप से उन इलाकों पर ध्यान देने को कहा गया है जहां संवेदनशील समुदाय रहते हैं या जहां पहले भी अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रदर्शन हुए हैं।
सोशल मीडिया पर निगरानी
सरकार ने राज्यों को यह भी सलाह दी है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैल रही अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट पर कड़ी नजर रखी जाए। सोशल मीडिया के जरिए गलत जानकारी तेजी से फैल सकती है, जिससे माहौल बिगड़ने का खतरा रहता है। ऐसे में साइबर मॉनिटरिंग को मजबूत करने की जरूरत बताई गई है। स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।











