मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 75वें जन्मदिन पर बिहार के मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने रक्तदान किया और मरणोपरांत देहदान का संकल्प लिया। उन्होंने युवाओं से समाज सेवा में सक्रिय भागीदारी की अपील भी की।
Bihar News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 75वें जन्मदिन के अवसर पर बिहार के ग्रामीण कार्य मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने समाजहित में एक प्रेरणादायी कदम उठाया। उन्होंने रक्तदान के बाद मरणोपरांत संपूर्ण देहदान का संकल्प लिया। इस पहल के माध्यम से मंत्री ने समाज को मानवीय सेवा का बड़ा संदेश दिया और लोगों को जीवनदान देने की प्रेरणा दी।
डॉ. अशोक चौधरी ने संकल्प पत्र दधीचि देहदान समिति को सौंपा। इस पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा कि वे अपनी मृत्यु के बाद अपने नेत्र, अंग और पूरे शरीर का देहदान मानवता की सेवा में करना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने फॉर्म में अपनी सभी जानकारी भरकर इसे आधिकारिक रूप से पंजीकृत कराया।
रक्तदान शिविर का आयोजन
मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर डॉ. अशोक चौधरी ने पटना के पोलो रोड स्थित अपने आवास पर रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया। इस शिविर में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और रक्तदान किया। मंत्री ने स्वयं रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया और युवाओं से समाज सेवा के लिए आगे आने की अपील की।
डॉ. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार न केवल राजनीति में सक्रिय हैं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से भी गहराई से जुड़े रहे हैं। उन्होंने जल-जीवन-हरियाली अभियान, दहेज प्रथा उन्मूलन, जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों और थैलेसीमिया एवं कैंसर से जूझ रहे बच्चों के लिए अनेक कल्याणकारी कार्यक्रम शुरू किए।
मंत्री ने यह भी बताया कि मां वैष्णोदेवी ब्लड बैंक का उद्घाटन स्वयं मुख्यमंत्री ने किया था और वह इसका पहला रक्तदाता भी बने थे। यह ब्लड बैंक थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों को नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराता है।
रक्तदान से स्वास्थ्य लाभ

डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि रक्तदान से शरीर कमजोर नहीं होता। इसके विपरीत, इससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल कम होता है और कई बीमारियों से बचाव होता है। उन्होंने विशेष रूप से दुर्लभ रक्त समूह वाले लोगों से अपील की कि वे नियमित रूप से रक्तदान करें।
मंत्री ने कहा कि रक्तदान और देहदान जैसी पहलें समाज को स्वस्थ और संवेदनशील बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। युवाओं को इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए ताकि जरूरतमंदों की मदद की जा सके और समाज में सेवा का भाव फैल सके।
मरणोपरांत देहदान का महत्व
डॉ. चौधरी ने मरणोपरांत देहदान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह जीवनदान के समान है। कई लोग अंगों की कमी या दुर्घटनाओं के कारण जीवन की अंतिम लड़ाई हार जाते हैं, लेकिन देहदान से उनका जीवन किसी अन्य व्यक्ति के लिए नई शुरुआत बन सकता है। उन्होंने कहा कि समाज को इसके प्रति जागरूक करना और लोगों को प्रेरित करना बेहद जरूरी है।
मंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि संकल्प लेने और फॉर्म भरने की प्रक्रिया सरल है और इससे समाज को बहुत लाभ होता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार और मित्रों को भी देहदान के महत्व के बारे में बताएं और उन्हें इसमें शामिल होने के लिए प्रेरित करें।
युवाओं को समाज सेवा में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील
डॉ. अशोक चौधरी ने युवाओं से कहा कि समाज सेवा केवल बड़े लोगों का काम नहीं है। युवा अपनी ऊर्जा और समय का सदुपयोग करके रक्तदान और देहदान जैसी पहलों में हिस्सा लें। इससे न केवल समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी आत्मसंतोष और खुशी का अनुभव होगा।
उन्होंने बताया कि सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए लोग स्वयं अपने अनुभव साझा करें और दूसरों को प्रेरित करें। मंत्री ने जोर देकर कहा कि छोटे-छोटे कदम भी जीवन में बड़े बदलाव ला सकते हैं।










