भारत में 3D-प्रिंट स्वचालित मौसम स्टेशन का निर्माण शुरू; ‘मिशन मौसम’ से होगा सटीक पूर्वानुमान

भारत में 3D-प्रिंट स्वचालित मौसम स्टेशन का निर्माण शुरू; ‘मिशन मौसम’ से होगा सटीक पूर्वानुमान

तकनीकी क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि के रूप में भारतीय वैज्ञानिकों ने 3डी-प्रिंटिंग तकनीक के जरिए स्वदेशी स्वचालित मौसम स्टेशन (AWS) का विकास शुरू कर दिया है।

नई दिल्ली: भारतीय वैज्ञानिकों ने 3डी-प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग करते हुए स्वदेशी स्वचालित मौसम स्टेशन (AWS) विकसित करना शुरू कर दिया है। ये स्टेशन देश भर में मौसम निगरानी को मजबूती देंगे और अगले महीने फरवरी से दिल्ली में स्थापित किए जाएंगे। इस पहल का हिस्सा है ‘मिशन मौसम’ योजना, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर मौसम के सटीक पूर्वानुमान के लिए डेटा की कमियों को दूर करना है।

‘मिशन मौसम’ योजना के तहत तकनीकी पहल

न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार ने मौसम विज्ञान के क्षेत्र में बड़े सुधार के लिए ‘मिशन मौसम’ नामक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इस योजना पर 2,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना का नेतृत्व पुणे स्थित भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) कर रहा है, जो पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) के अधीन काम करता है।

MoES के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन ने बताया कि इसका उद्देश्य देश में अवलोकन नेटवर्क का व्यापक विस्तार करना है ताकि डेटा की कमियां दूर हो सकें। इसके तहत तापमान, हवा की गति, आर्द्रता और वर्षा जैसे महत्वपूर्ण मापदंडों को अधिक स्थानों पर दर्ज किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर अधिक सटीक पूर्वानुमान संभव होंगे। जिन शहरों से शुरुआत की जाएगी उनमें दिल्ली सबसे पहले शामिल होगा, और इन स्टेशनों को सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा।

मौसम मिशन के तहत अवलोकन संबंधी बुनियादी ढांचे को शहरी मौसम विज्ञान के क्षेत्र में मजबूत किया जाएगा। अगले छह महीनों में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में स्वचालित मौसम स्टेशन और रडार प्रतिष्ठानों का तेजी से विस्तार होने की उम्मीद है।

3D-प्रिंट स्वचालित मौसम स्टेशन कैसे काम करेगा

परंपरागत मौसम वेधशालाओं की तुलना में, AWS अपने आप डेटा मापता और केंद्र को भेजता है, जिससे संचालन और रखरखाव की लागत कम हो जाती है।
ये स्टेशन तापमान, आर्द्रता, वर्षा, हवा की दिशा और गति जैसे महत्वपूर्ण मौसम मापदंडों को स्वचालित रूप से रिकॉर्ड और ट्रांसमिट करेंगे। विशेषज्ञों ने बताया कि AWS की सफलता सटीकता और नियमित रखरखाव पर निर्भर करती है।

 इस साल की शुरुआत में भारतीय मौसम विभाग (IMD) के कुछ एडब्ल्यूएस सेंसर ने अत्यधिक तापमान दिखाया था। बाद में पता चला कि यह या तो सेंसर की खराबी के कारण था या फिर स्टेशन ऐसी जगह पर लगाया गया था जहां मापदंड प्रभावित हो रहे थे।

Leave a comment