Columbus

भारतीय वायुसेना की बढ़ेगी ताकत: सितंबर में मिलेंगे दो तेजस मार्क-1A लड़ाकू विमान

भारतीय वायुसेना की बढ़ेगी ताकत: सितंबर में मिलेंगे दो तेजस मार्क-1A लड़ाकू विमान

भारतीय वायुसेना मिग-21 के रिटायर होने के बाद लंबे समय से लड़ाकू विमानों की कमी से जूझ रही है। इस कमी को दूर करने और देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने 85,000 करोड़ रुपये की लागत से 97 तेजस विमान (MK-1A) खरीदने को मंजूरी दी है। 

नई दिल्ली: मिग-21 के रिटायर होने के बाद भारतीय वायुसेना लड़ाकू विमानों की कमी से जूझ रही है। इसी बीच इस महीने की शुरुआत में सरकार ने 85,000 करोड़ रुपये की लागत से 97 तेजस विमानों की खरीद को मंजूरी दी थी। रक्षा मंत्रालय के सचिव ने बताया कि इस साल के अंत तक दो स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस मार्क-1 ए वायुसेना को मिल सकते हैं, जो मिग-21 की जगह लेंगे। 

एनडीटीवी के डिफेंस समिट के दौरान शनिवार को रक्षा सचिव आ.के. सिंह ने कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने संभावना जताई कि सितंबर के अंत तक भारतीय वायुसेना को ये दो विमान मिल सकते हैं, जो सेना के लिए काफी अहम साबित होंगे।

मिग-21 के रिटायरमेंट के बाद की चुनौती

मिग-21 विमानों के सेवानिवृत्त होने के बाद भारतीय वायुसेना के पास लड़ाकू विमानों की संख्या कम हो गई थी। इस कमी को पूरा करने और स्वदेशी तकनीक पर निर्भरता बढ़ाने के लिए तेजस विमान परियोजना को प्राथमिकता दी गई। तेजस Mk-1A, तेजस का एडवांस वर्जन है, जिसे बेहतर लड़ाकू क्षमताओं और अत्याधुनिक तकनीक के साथ डिजाइन किया गया है। इस विमान में रडार, हवाई हथियार और भारतीय तकनीक को शामिल किया गया है, ताकि यह सुखोई विमानों के साथ मिलकर मिशन पूरा कर सके।

रक्षा सचिव का बयान

एनडीटीवी के डिफेंस समिट 2025 के दौरान, रक्षा सचिव आर.के. सिंह ने कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एचएएल को तेजस विमान को और बेहतर बनाने का पर्याप्त अवसर दिया गया है। रक्षा सचिव ने बताया, अभी लगभग 38 तेजस विमान सेवा में हैं और 80 और बनाए जा रहे हैं। उनमें से 10 तैयार हैं और दो इंजन भी मिल चुके हैं। उम्मीद है कि हथियारों के साथ पहले दो विमान इस सितंबर तक वायुसेना को सौंप दिए जाएंगे। अगले चार-पांच सालों के लिए एचएएल के पास पर्याप्त ऑर्डर हैं, जिससे तेजस विमान को और उन्नत बनाने का अवसर मिलेगा।”

अगस्त 2025 में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को केंद्र सरकार से 97 तेजस Mk-1A विमान खरीदने का आदेश मिला। इसकी कुल वैल्यू लगभग 62,000 करोड़ रुपये है। HAL ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में फाइलिंग में जानकारी दी कि सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) ने 19 अगस्त, 2025 को 97 हल्के लड़ाकू विमान MK-1A के खरीद प्रस्ताव को मंजूरी दी।

यह सौदा HAL के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इन स्वदेशी विमानों के आने से भारतीय वायुसेना में मिग-21 बेड़े की जगह ली जाएगी और हवाई सुरक्षा क्षमता में सुधार होगा।

तेजस Mk-1A की विशेषताएं

तेजस Mk-1A, तेजस का एडवांस वर्जन है, जिसे बेहतर एयरोडायनेमिक डिज़ाइन, उन्नत रडार सिस्टम और हाई-प्रिसिजन हथियारों के साथ तैयार किया गया है। यह विमान लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) श्रेणी में आता है और फ्लाई-बाय-वायर टेक्नोलॉजी का उपयोग करता है।

Leave a comment