बिहार में ठंड ने इस बार असामान्य रूप से लंबा असर दिखाना शुरू कर दिया है। Patna सिटी सहित राज्य के कई हिस्सों में जनवरी के बाद भी ठंड कम होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। मौसम के जानकारों के अनुसार, इस बार फरवरी तक कड़ाके की ठंड पड़ सकती है और न्यूनतम तापमान के मामले में पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूटने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग के संकेतों के मुताबिक, उत्तर भारत से लगातार आ रही ठंडी पछुआ हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण बिहार में ठंड लंबी खिंच सकती है। खासतौर पर रात और सुबह के समय तापमान सामान्य से काफी नीचे रहने की आशंका है। कई इलाकों में घना कोहरा, शीतलहर और ठंडी हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं।
पटना सिटी और आसपास के क्षेत्रों में सुबह-शाम ठिठुरन लगातार महसूस की जा रही है। धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवा के कारण ठंड का असर कम नहीं हो पा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो फरवरी के शुरुआती दिनों तक भी लोगों को सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद कम है।
ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर और भी ज्यादा देखने को मिल रहा है। खेतों में काम करने वाले किसान, मजदूर और दिहाड़ी कामगार सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ठंड और कोहरे के कारण सुबह के समय जनजीवन काफी धीमा हो गया है। कई जगहों पर ट्रेनों और वाहनों की रफ्तार भी कोहरे की वजह से प्रभावित हो रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी ठंड को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। ठंड के कारण सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याओं के मामले बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। कुछ जिलों में शीतलहर की स्थिति बनने की भी संभावना है। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, इस बार बिहार में ठंड का मिजाज सामान्य से अलग नजर आ रहा है। अगर मौसम का यही रुख बना रहा, तो यह सर्दी बीते एक दशक की सबसे लंबी और कड़ाके की ठंड में से एक मानी जा सकती है।













