बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस अब अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। कांग्रेस की बिहार इकाई ने मंगलवार को 15 जिलाध्यक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद अब Indian National Congress ने संगठन में अनुशासन बहाली के लिए कड़ा रुख अपनाया है। चुनावी नतीजों के बाद पार्टी नेतृत्व ने जहां आत्ममंथन की प्रक्रिया शुरू की है, वहीं अब indiscipline और लापरवाही बरतने वाले नेताओं के खिलाफ सीधी कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ा दिया गया है।
इसी क्रम में कांग्रेस की बिहार इकाई ने मंगलवार को 15 जिला अध्यक्षों (District Presidents) को कारण बताओ नोटिस यानी Show Cause Notice जारी किया है।
समीक्षा बैठक में गैरहाजिरी पड़ी भारी
पार्टी सूत्रों के अनुसार, सोमवार को पटना स्थित सदाकत आश्रम (Sadaqat Ashram) में एक अहम Review Meeting आयोजित की गई थी। इस बैठक का उद्देश्य था—
- चुनावी हार के कारणों की गहन समीक्षा
- संगठनात्मक कमजोरियों की पहचान
- भविष्य की electoral strategy तय करना
हालांकि, पूर्व सूचना दिए जाने के बावजूद कई जिलाध्यक्ष इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हुए। प्रदेश नेतृत्व ने इसे गंभीर लापरवाही और organizational discipline का उल्लंघन माना। इसके अगले ही दिन इन 15 जिलाध्यक्षों को नोटिस जारी कर उनसे औपचारिक जवाब मांगा गया है।
पार्टी नेतृत्व का सख्त संदेश
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष Rajesh Ram और बिहार प्रभारी Krishna Allavaru ने बैठक के दौरान साफ शब्दों में कहा कि पार्टी अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जिले ही संगठन की रीढ़ होते हैं, और अगर जिला इकाइयां ही निष्क्रिय रहेंगी, तो पार्टी को मजबूत करना मुश्किल हो जाएगा।
नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि आने वाले समय में performance-based accountability लागू की जाएगी। जो नेता संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम नहीं करेंगे, उनके खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी।

43 नेताओं पर भी गिरी नजर, किन जिलाध्यक्षों को मिला नोटिस?
इस समीक्षा बैठक में चुनाव के दौरान party-anti activities में शामिल पाए गए 43 नेताओं की सूची पर भी चर्चा हुई। प्रदेश नेतृत्व का मानना है कि इन नेताओं की गतिविधियों ने कई सीटों पर पार्टी को नुकसान पहुंचाया। सूत्रों के मुताबिक, इन नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए अब High Command से अनुमति मांगी गई है।
पार्टी का आकलन है कि यदि समय रहते इन पर सख्त कदम उठाए गए होते, तो कई निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबला कहीं अधिक मजबूत हो सकता था। जिन 15 जिलाध्यक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उनमें बिहार के कई महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं। इन नामों में—
- प्रमोद सिंह पटेल – पश्चिम चंपारण
- शशिभूषण राय – पूर्वी चंपारण
- शाद अहमद – अररिया
- सुबोध मंडल – मधुबनी
- सुनील यादव – कटिहार
- गुरुजीत सिंह – पटना ग्रामीण
- उदय चंद्रवंशी – पटना ग्रामीण
- आर.एन. गुप्ता – सुपौल
- परवेज आलम – भागलपुर
- अनिल सिंह – जमुई
- मनोज पांडेय – बक्सर
- उदय मांझी – गया
- अरविंद कुमार – लखीसराय
- इनामुल हक – मुंगेर
- रोशन कुमार – शेखपुरा
बिहार में कांग्रेस के लिए कठिन दौर
बिहार के हालिया विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन अपेक्षाओं से काफी कमजोर रहा। कई पारंपरिक गढ़ों में भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। राजनैतिक विश्लेषकों का कहना है कि weak grassroots network, नेतृत्व में समन्वय की कमी और चुनावी रणनीति की अस्पष्टता पार्टी की हार के पीछे बड़े कारण रहे।
अब पार्टी नेतृत्व इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि जब तक संगठन के भीतर अनुशासन और जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक पुनरुत्थान संभव नहीं है। यही कारण है कि अब disciplinary action की शुरुआत निचले स्तर से की जा रही है।










