संसद में ‘कुत्ता’ विवाद! रेणुका चौधरी की भौंकने वाली प्रतिक्रिया से सियासी हलचल तेज

संसद में ‘कुत्ता’ विवाद! रेणुका चौधरी की भौंकने वाली प्रतिक्रिया से सियासी हलचल तेज

संसद में कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने घायल कुत्ते को लेकर प्रवेश किया। सुरक्षाकर्मियों ने रोकने की कोशिश की, लेकिन चौधरी ने कुत्ते को कार में वापस भेजा। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सियासी विवाद बन गया।

New Delhi: कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी एक बार फिर सुर्खियों में हैं जब उन्होंने संसद परिसर में अपने कुत्ते को लेकर प्रवेश करने की कोशिश की। यह घटना होते ही संसद सुरक्षा में सतर्कता बढ़ी और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन रेणुका चौधरी ने कहा कि उन्होंने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है। यह पूरा मामला कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

घटना का वायरल वीडियो

घटना के बाद जो वीडियो सामने आया उसने विवाद को और बढ़ा दिया। संसद में प्रवेश करते समय मीडिया ने जैसे ही उनसे सवाल पूछे, रेणुका चौधरी ‘भौ-भौ’ की आवाज निकालने लगीं। यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैल गया और विपक्ष से लेकर सत्ता पक्ष तक हर कोई इस पर टिप्पणी करने लगा। कुछ नेताओं ने इसे अनुशासनहीनता बताया जबकि कुछ लोगों ने इसे एक अलग तरह के विरोध के रूप में देखा।

रेणुका चौधरी का दावा

रेणुका चौधरी के अनुसार उन्होंने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है। उनका कहना था कि अगर कोई उनके खिलाफ प्रस्ताव लाना चाहता है तो वह पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में कुत्ते का स्थान विशेष माना जाता है और कुत्ते को संसद परिसर में लाना कोई बड़ा अपराध नहीं है।

उन्होंने इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी एक बार संसद में बैलगाड़ी लेकर आए थे। उनके अनुसार, परंपराओं और नियमों की व्याख्या परिस्थितियों के अनुसार की जानी चाहिए।

सुरक्षा प्रोटोकॉल का मुद्दा

सुरक्षा का मुद्दा इस विवाद में प्रमुख रूप से उभरकर सामने आया। संसद की सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त होती है और जानवरों का प्रवेश सामान्यतया मना होता है। सुरक्षाकर्मियों ने रेणुका चौधरी को प्रवेश द्वार पर रोकने की कोशिश की और उनसे कहा कि वह कुत्ते को अंदर न ले जाएँ।

इसके बावजूद वह कुछ दूरी तक आगे बढ़ीं। इस बीच उनका कुत्ता कार से वापस भेज दिया गया लेकिन तब तक मामला राजनीतिक रंग ले चुका था। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि मौजूद प्रोटोकॉल के मुताबिक यह घटना संवेदनशील थी और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

पूरा विवाद कैसे बढ़ा

विवाद तब और ज्यादा बढ़ गया जब रेणुका चौधरी ने अपने बयान में कहा कि संसद में पहले से ही “काटने वाले लोग” मौजूद हैं और वही सरकार चला रहे हैं। इस बयान ने सत्तापक्ष को नाराज कर दिया। उन्होंने इसे संसद की गरिमा पर सीधा आक्रमण बताया। दूसरी तरफ कुछ विपक्षी नेताओं ने इसे तंज के रूप में देखा और कहा कि मुद्दे को अनावश्यक रूप से बढ़ाया जा रहा है।

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