कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद Jairam Ramesh ने संसद में भाजपा सांसदों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि आज संसद में प्रधानमंत्री Narendra Modi की तारीफ का ऐसा माहौल बन गया है कि यह उत्तर कोरिया की सुप्रीम पीपुल्स असेंबली जैसा प्रतीत होता है।
नई दिल्ली: Jairam Ramesh, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद, ने संसद में Bharatiya Janata Party के सांसदों के व्यवहार की कड़ी आलोचना की है। जयराम रमेश ने कहा कि संसद में प्रधानमंत्री की जरूरत से ज्यादा तारीफ की जा रही है और कई बार ऐसा लगता है जैसे वे उत्तर कोरिया की सुप्रीम पीपुल्स असेंबली में बैठे हों।
मीडिया को दिए इंटरव्यू में जयराम रमेश ने यह भी कहा कि आज देश में ‘वन मैन शो’ चल रहा है। उनके अनुसार संसद में गंभीर चर्चा और बहस की जगह व्यक्तिगत प्रशंसा और एकतरफा नजरिया बढ़ता जा रहा है।
संसद में ‘वन मैन शो’ का आरोप
जयराम रमेश ने कहा, “आज संसद में हर बात प्रधानमंत्री की तारीफ में बीतती है। चाहे विदेश नीति का मुद्दा हो या बजट, विषय चाहे जो भी हो, 90 प्रतिशत वक्त भाजपा सांसद प्रधानमंत्री की प्रशंसा में लगा देते हैं। कभी-कभी मुझे ऐसा लगता है कि मैं उत्तर कोरिया की संसद में बैठा हूं। रमेश ने आगे कहा कि जब प्रधानमंत्री संसद में प्रवेश करते हैं, तो नारे लगते हैं, मेज थपथपाई जाती है और ‘मोदी, मोदी, मोदी’ के नारों से माहौल भरा रहता है। उन्होंने इसे अस्वाभाविक बताया और कहा कि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ।
उदाहरण देते हुए जयराम रमेश ने कहा, “1971 के युद्ध के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का सम्मान जरूर हुआ था, और अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदिरा गांधी को ‘दुर्गा’ कहा था। लेकिन आज जैसा हर दिन तालियां और नारे लगते हैं, वैसा पहले नहीं देखा गया।

विदेश नीति पर तीखा हमला
जयराम रमेश ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पूरी तरह से अमेरिका और इज़राइल के पक्ष में दिख रही है और कई बड़े फैसले अमेरिकी दबाव में लिए जा रहे हैं। रमेश ने बताया कि भारत ने 1988 में फिलिस्तीन को मान्यता दी थी, लेकिन अब सरकार अपने पुराने रुख से हट रही है। उन्होंने इसे “नैतिक कायरता” बताया।
उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में लगभग 1 करोड़ भारतीय काम कर रहे हैं और वहां से अरबों डॉलर की रेमिटेंस आती है, जो खासकर केरल की अर्थव्यवस्था में योगदान देती है। ऐसे में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
‘हग्गोमेसी’ पर तंज
कांग्रेस नेता ने मोदी सरकार की विदेश नीति को ‘हग्गोमेसी’ करार दिया। उनका कहना था कि अब सबको गले लगाना और दिखाना कि आप दोस्त हैं, ही विदेश नीति बन गई है। रमेश ने आरोप लगाया कि कई बड़े फैसले वॉशिंगटन से घोषित हो रहे हैं, नई दिल्ली से नहीं। उन्होंने कहा, “भारत की स्वतंत्र विदेश नीति कमजोर हो गई है और देश की अंतरराष्ट्रीय साख भी घट गई है। भारत की रणनीतिक आजादी बनी रहनी चाहिए। कोई हमें यह नहीं बता सकता कि रूस से हमारे संबंध कैसे होंगे।
जयराम रमेश का यह बयान भारतीय संसद में लोकतंत्र के मूल्य और स्वतंत्र बहस पर सवाल उठाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद का उद्देश्य केवल किसी नेता की तारीफ करना नहीं है, बल्कि नीति निर्माण, जांच और संतुलित बहस करना है।












