बिहार की महिलाओं पर भाजपा नेता के बयान से राजनीतिक भूचाल, जीतनराम मांझी बोले- 'सख्त कार्रवाई होनी चाहिए'

बिहार की महिलाओं पर भाजपा नेता के बयान से राजनीतिक भूचाल, जीतनराम मांझी बोले- 'सख्त कार्रवाई होनी चाहिए'

उत्तराखंड सरकार की मंत्री रेखा आर्य के पति और भाजपा से जुड़े नेता गिरधारी लाल साहू के बिहार की महिलाओं को लेकर दिए गए बयान ने देश की राजनीति में तीखी बहस छेड़ दी है। इस बयान के बाद बिहार की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। 

पटना: उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के बयान को लेकर बिहार की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विपक्षी दल राजद और कांग्रेस के साथ-साथ एनडीए के सहयोगी दल जदयू और हम (HAM) ने भी भाजपा नेता पर कार्रवाई की मांग की है। हम (HAM) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यदि किसी की कीमत लगाने की बात कही गई है तो यह बेहद निंदनीय है। 

उन्होंने कहा कि शादी खुशी और सहमति से होती है, उसे खरीद-फरोख्त से जोड़ना गलत है। मांझी ने मांग की कि संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

जीतनराम मांझी का तीखा बयान

HAM के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने गिरधारी लाल साहू के बयान को “अत्यंत निंदनीय” करार दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शादी किसी कीमत या लेन-देन से नहीं, बल्कि आपसी सहमति, सम्मान और सामाजिक सौहार्द से होती है। मांझी ने कहा,

'अगर कोई यह कहता है कि लड़कियों की कीमत लगाई जा सकती है, तो यह बेहद शर्मनाक है। यह महिलाओं का अपमान है। ऐसे व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।'

उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश के अलग-अलग राज्यों में वैवाहिक संबंध सामान्य बात है, लेकिन महिलाओं को वस्तु की तरह पेश करना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें गिरधारी लाल साहू यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि बिहार में 20–25 हजार रुपये में लड़कियां मिल जाती हैं, कुंवारों के लिए बिहार से लड़कियां लेकर आएंगे। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 23 दिसंबर का है, जो उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्याहीदेवी मंडल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रिकॉर्ड किया गया था।

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोगों ने इसे महिलाओं के सम्मान और गरिमा के खिलाफ बताते हुए साहू की मानसिकता पर सवाल उठाए।

विपक्ष और एनडीए सहयोगियों की एकजुट प्रतिक्रिया

इस बयान को लेकर बिहार में राजनीतिक दलों के बीच दुर्लभ एकजुटता देखने को मिली है। जहां राजद और कांग्रेस ने इसे भाजपा की सोच से जोड़ते हुए हमला बोला, वहीं एनडीए के सहयोगी दलों—जदयू और HAM—ने भी खुलकर साहू की आलोचना की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला भाजपा के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है, खासकर तब जब एनडीए के भीतर से ही विरोध के स्वर उठ रहे हों।

मामले को और अधिक तूल तब मिला जब बिहार के सहरसा से विधायक आईपी गुप्ता ने साहू के खिलाफ प्रतीकात्मक लेकिन विवादास्पद घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि, जो व्यक्ति बिहार की महिलाओं पर ऐसी अमर्यादित टिप्पणी करने वाले नेता को पकड़कर बिहार लाएगा, उसे 10 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।

हालांकि, इस बयान पर भी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोग इसे महिलाओं के सम्मान के लिए आक्रोश मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक स्टंट बता रहे हैं।

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