Bihar Politics: क्या बिहार में BJP संभालेगी पूरी कमान? Nitish Kumar के फैसले के बाद नंबर गेम पर नजर

Bihar Politics: क्या बिहार में BJP संभालेगी पूरी कमान? Nitish Kumar के फैसले के बाद नंबर गेम पर नजर

बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने राज्यसभा जाने का फैसला किया है। उनके इस निर्णय के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है और Bharatiya Janata Party से नए मुख्यमंत्री की संभावना जताई जा रही है।

Patna: बिहार की राजनीति में एक बड़ा सियासी बदलाव सामने आया है। राज्य के मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख Nitish Kumar ने राज्यसभा जाने का फैसला किया है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी, जिसके बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि वह पटना में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की मौजूदगी में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करेंगे।

नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद अब बिहार में सत्ता समीकरण बदलने की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि उनके राज्यसभा जाने के बाद राज्य में नया मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी यानी Bharatiya Janata Party से हो सकता है। इस संभावित बदलाव को बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

क्या खत्म हो रहा है नीतीश युग

पिछले करीब दो दशकों से बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का प्रभाव बेहद मजबूत रहा है। उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री पद संभाला और अलग-अलग राजनीतिक गठबंधनों के साथ सरकार चलाई। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद भी उन्होंने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

लेकिन अब उनके राज्यसभा जाने के फैसले को बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार सक्रिय राज्य राजनीति से दूर होते हैं तो सरकार के संचालन में भाजपा की भूमिका और मजबूत हो सकती है।

ऐसी स्थिति में यह कहा जा रहा है कि आने वाले समय में बिहार की सरकार का नेतृत्व पूरी तरह भाजपा के हाथ में जा सकता है। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और गठबंधन की रणनीति पर निर्भर करेगा।

बिहार विधानसभा का नंबर गेम

बिहार में सरकार की स्थिति को समझने के लिए विधानसभा का नंबर गेम जानना जरूरी है। राज्य की विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए कम से कम 122 सीटों का बहुमत आवश्यक होता है।

मौजूदा समय में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी National Democratic Alliance के पास स्पष्ट बहुमत है। इस गठबंधन में कई दल शामिल हैं और सभी मिलकर सरकार चला रहे हैं।

विधानसभा में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में मौजूद है। उसके पास कुल 89 विधायक हैं। वहीं जनता दल (यूनाइटेड) यानी Janata Dal (United) के पास 85 सीटें हैं। सीटों के लिहाज से भाजपा गठबंधन में बड़े भाई की भूमिका में है।

इसके अलावा एनडीए के अन्य सहयोगी दल भी सरकार को मजबूत समर्थन दे रहे हैं। इन दलों में Lok Janshakti Party (Ram Vilas) के पास 19 सीटें हैं। वहीं Hindustani Awam Morcha के पास 5 सीटें और Rashtriya Lok Morcha के पास 4 सीटें हैं।

इन सभी दलों को मिलाकर एनडीए का आंकड़ा बहुमत से काफी ऊपर पहुंच जाता है। यही वजह है कि सरकार की स्थिरता को लेकर फिलहाल कोई बड़ा खतरा नजर नहीं आ रहा है।

महागठबंधन की स्थिति

दूसरी ओर विपक्षी दलों के गठबंधन यानी महागठबंधन की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर दिखाई दे रही है। इस गठबंधन में कई दल शामिल हैं लेकिन विधानसभा में उनकी कुल सीटें कम हैं।

महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी Rashtriya Janata Dal है जिसके पास 25 सीटें हैं। इसके बाद Indian National Congress के पास 6 सीटें हैं। वाम दलों में CPI (ML) Liberation के पास 2 सीटें और Communist Party of India (Marxist) के पास 1 सीट है।

इसके अलावा Indian Inclusive Party के पास भी 1 सीट है। कुल मिलाकर विपक्षी गठबंधन की ताकत सत्ता पक्ष के मुकाबले काफी कम दिखाई देती है।

अन्य दलों की भूमिका

बिहार विधानसभा में कुछ सीटें अन्य दलों के पास भी हैं जो किसी बड़े गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। इनमें Asaduddin Owaisi की पार्टी All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen के पास 5 सीटें हैं। वहीं Bahujan Samaj Party के पास 1 सीट है।

हालांकि इन दलों की संख्या कम है, लेकिन कई बार विधानसभा की राजनीतिक रणनीतियों में उनकी भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

भाजपा से कौन बन सकता है मुख्यमंत्री

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की संभावना के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर भाजपा को मुख्यमंत्री पद मिलता है तो पार्टी की ओर से कौन नेता इस पद की जिम्मेदारी संभाल सकता है।

राजनीतिक चर्चाओं में कई नाम सामने आ रहे हैं। इनमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री Nityanand Rai का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। इसके अलावा बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary भी संभावित दावेदारों में माने जा रहे हैं। इसी तरह बिहार सरकार में मंत्री रहे Dilip Jaiswal का नाम भी चर्चा में है। हालांकि अंतिम निर्णय भाजपा नेतृत्व और गठबंधन की रणनीति के अनुसार ही लिया जाएगा।

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