बिहार विधान मंडल का शीतकालीन सत्र जारी है और आज इसका तीसरा दिन है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (Arif Mohammad Khan) ने विधान मंडल के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए नई नीतीश सरकार की नीतियों और विकास योजनाओं का एजेंडा पेश किया।
पटना: 18वीं विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है, जिसमें राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अभिभाषण दिया। उन्होंने बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित किया। हालांकि, अभिभाषण की शुरुआत में कुछ देर के लिए साउंड सिस्टम में खराबी आ गई, जिससे उनकी आवाज ठीक से सुनाई नहीं दे रही थी, लेकिन तकनीकी टीम ने इसे जल्द ही ठीक कर दिया।
राज्यपाल ने नई सरकार की आगामी योजनाओं और नीतियों को सामने रखा और सदस्यों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि वे बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में सभी का स्वागत करते हैं और राज्य की खुशहाली एवं बहुआयामी विकास की कामना करते हैं। साथ ही उन्होंने विधानसभा के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई दी और विश्वास जताया कि नव गठित बिहार विधान सभा का कार्यकाल राज्य के विकास और जन-जन तक खुशहाली पहुँचाने में रचनात्मक भूमिका निभाएगा।
राज्यपाल का अभिभाषण: विकास और लोकतंत्र पर जोर
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण की शुरुआत में सभी नवनिर्वाचित सदस्यों का स्वागत किया और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा,
'मुझे विश्वास है कि नव गठित बिहार विधानसभा का कार्यकाल राज्य के बहुआयामी विकास एवं जन-जन तक खुशहाली पहुंचाने में रचनात्मक भूमिका निभाएगा।'
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में हाल ही में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न हुए। जनता ने विकास के एजेंडे को स्वीकार किया और सरकार को व्यापक समर्थन दिया। विशेष रूप से महिलाओं ने इस चुनाव में अभूतपूर्व मतदान किया। राज्यपाल ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सफल बनाने में योगदान देने के लिए Election Commission of India और संबंधित अधिकारियों का भी धन्यवाद किया।
राज्यपाल के अभिभाषण से पहले सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY 2025-26) का दूसरा अनुपूरक बजट भी विधानसभा में पेश किया। यह बजट राज्य के विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराएगा।
सभा की कार्यवाही: शपथ, समितियां और अध्यादेश

सत्र की शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार (Prem Kumar) के संबोधन से हुई। इसके बाद राज्यपाल का अभिभाषण हुआ। सत्र के प्रमुख एजेंडों में शामिल हैं:
- अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति
- समितियों का गठन (Committees Formation)
- राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यक्षों की अध्यादेशों की प्रमाणीकृत प्रतियां सभा पटल पर रखी जाएंगी
- विभिन्न विभागों की नियमावली सदन में पेश की जाएंगी
- असामान्य घटनाक्रम अनंत सिंह और अमरेंद्र पांडेय ने नहीं लिया शपथ
दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष पद भाजपा (BJP) के वरिष्ठ नेता डॉ. प्रेम कुमार को सौंपा गया। वहीं उपाध्यक्ष पद जदयू (JD(U)) के पास चला गया है। जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता नरेंद्र नारायण यादव को उपाध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध चुना गया है। हालांकि चार विधायकों ने पहले दिन अनुपस्थित रहने के बाद आज शपथ ली। लेकिन बाहुबली नेता अनंत सिंह (Anant Singh) जेल में होने और अमरेंद्र पांडेय (Amrendra Pandey) अपने भतीजे के इलाज में व्यस्त होने के कारण शपथ नहीं ले पाए।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कई प्रमुख विकास पहल और योजनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं, महिलाओं और गरीबों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विकास के प्रति राज्य के सभी वर्गों में जागरूकता दिख रही है। सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के लिए सभी का सहयोग अपेक्षित है।
राज्यपाल के इस संदेश से स्पष्ट हो गया कि बिहार सरकार (Bihar Government) का मुख्य फोकस रोजगार सृजन, महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण, और राज्य की आर्थिक प्रगति पर रहेगा।












