BMC चुनाव 2026: कांग्रेस को मलाड में बड़ा झटका, दो नेताओं समेत सैकड़ों कार्यकर्ता बीजेपी में होंगे शामिल

BMC चुनाव 2026: कांग्रेस को मलाड में बड़ा झटका, दो नेताओं समेत सैकड़ों कार्यकर्ता बीजेपी में होंगे शामिल

आगामी बृह्नमुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 से पहले कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। मलाड के वार्ड नंबर 47 में कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया।

BMC Election 2026: बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव (BMC Election 2026) में कांग्रेस ने अकेले मैदान में उतरने का फैसला किया है, लेकिन पार्टी के लिए यह आसान नहीं होने वाला। जिस भरोसे पर कांग्रेस बीएमसी जीतने की कोशिश कर रही थी, उनमें से कुछ नेता अब पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। खासकर मुंबई के मलाड विभाग में ऐसा देखने को मिला, जहां कांग्रेस के उत्तर मुंबई जिला महासचिव और झोपड़पट्टी पुनर्विकास प्रकोष्ठ के अध्यक्ष ने पार्टी को बड़ा झटका दिया और बीजेपी का दामन थाम लिया।

बीएमसी चुनाव से पहले इन दो नेताओं के साथ ही सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में इन सभी को औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल कराया गया।

मलाड में कांग्रेस को भारी नुकसान

मुंबई में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। वार्ड 47 में हुए इस घटनाक्रम ने कांग्रेस के लिए चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यहां के नेता और कार्यकर्ता पार्टी के लिए चुनावी रणनीति में अहम भूमिका निभा रहे थे। कांग्रेस के उत्तर मुंबई जिला महासचिव अरविंद काड्रोस और झोपड़पट्टी पुनर्विकास प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुरुगन पिल्लई ने पार्टी को अलविदा कहा। 

इनके साथ सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी कांग्रेस से हटकर बीजेपी में शामिल हुए। यह कदम कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति में बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर मलाड क्षेत्र में, जहां पार्टी को अपने दम पर जीत दर्ज करने की उम्मीद थी।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दी बीजेपी सदस्यता

बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में औपचारिक रूप से सदस्यता दिलाई गई। इस अवसर पर बीजेपी युवा मोर्चा मुंबई अध्यक्ष तेजिंदरसिंह दिवाना सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित थे। पीयूष गोयल ने इस मौके पर कहा कि इस क्षेत्र में पार्टी की मजबूत पकड़ बनाने के लिए ये कदम अहम है। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए उन्हें बीजेपी के मूल सिद्धांतों और आगामी चुनावी योजनाओं से अवगत कराया।

मलाड में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं, क्योंकि वार्ड 47 को बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही महत्व देते हैं। यह वार्ड मुंबई के उत्तर में स्थित है और स्थानीय स्तर पर वोट बैंक मजबूत करने के लिए दोनों पार्टियों ने अभियान तेज कर दिया है। कांग्रेस से इस बड़े हिस्से के जाने के बाद बीजेपी को यहां चुनावी लाभ मिलने की संभावना बढ़ गई है।

कांग्रेस का अकेले चुनाव लड़ने का फैसला

बीएमसी चुनाव 2026 में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। हालांकि, वार्ड 47 में नेताओं के इस पलायन ने पार्टी की तैयारी को चुनौती दे दी है। यह कदम दिखाता है कि पार्टी की चुनावी रणनीति में किसी भी समय बदलाव हो सकता है। कांग्रेस के इन नेताओं के जाने से यह भी संकेत मिलता है कि राजनीतिक गठजोड़ और कार्यकर्ताओं की निष्ठा चुनावों में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में आगामी चुनाव में मलाड और आसपास के क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

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