बीएमसी चुनाव में स्याही को लेकर विवाद बढ़ा। उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के बयानों के बाद आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदाता की उंगली की स्याही मिटाकर दोबारा मतदान करना कानूनी अपराध है।
BMC Elections: महाराष्ट्र में 29 नगर निकायों के लिए मतदान आज सुबह 7.30 बजे से जारी है। बीएमसी चुनाव के दौरान उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच उंगली में लगाई जाने वाली स्याही को लेकर बयानबाजी हुई। दोनों नेताओं के बयानों के बाद महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदान के दौरान मतदाता की उंगली पर लगाई गई स्याही को मिटाने का कोई भी प्रयास दंडनीय अपराध है। आयोग ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी उंगली की स्याही मिटाकर दोबारा मतदान करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्याही मिटाकर दोबारा मतदान संभव नहीं
राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदान के बाद मतदाता की विधिवत प्रविष्टि दर्ज की जाती है। ऐसे में केवल स्याही को मिटाना मतदाता को दोबारा मतदान करने की अनुमति नहीं देता। मतदान केंद्रों पर आवश्यक सतर्कता और व्यवस्थाएं पहले से ही लागू की गई हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी गड़बड़ी को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश
मतदाताओं की उंगली पर स्याही लगाने के लिए मार्कर पेन का उपयोग पहली बार राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 19 नवंबर 2011 और 28 नवंबर 2011 को आदेशित किया गया था। तब से स्थानीय निकायों के चुनावों में मतदाताओं की उंगली पर स्याही लगाने हेतु मार्कर पेन का प्रयोग अनिवार्य है।

आयोग ने कहा कि स्याही की स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए मतदाता की नाखून और नाखून के ऊपर की त्वचा पर तीन से चार बार स्याही रगड़कर लगाई जाती है। मार्कर पेन पर भी यह निर्देश अंकित किए गए हैं। इस प्रक्रिया के कारण मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी करना संभव नहीं है।
नागरिकों से अपील
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे स्याही मिटाने या किसी अन्य प्रकार की गड़बड़ी की कोशिश न करें। आयोग ने कहा कि सभी मतदाता अपने मताधिकार का जिम्मेदारीपूर्वक प्रयोग करें और चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने में सहयोग दें।
चुनाव प्रक्रिया में सुरक्षा
बीएमसी चुनाव के लिए मतदान के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों की निगरानी रहती है। आयोग ने सुनिश्चित किया है कि मतदान प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष रूप से संपन्न हो।











