Cheekatilo Movie Review: शोभिता धुलिपाला की रोमांचक परफॉर्मेंस के साथ सस्पेंस और थ्रिलर का खतरनाक मिश्रण

Cheekatilo Movie Review: शोभिता धुलिपाला की रोमांचक परफॉर्मेंस के साथ सस्पेंस और थ्रिलर का खतरनाक मिश्रण

प्राइम वीडियो पर रिलीज़ हुई ‘चीकाटिलो’ में शोभिता धुलिपाला एक बार फिर अपनी अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवाती नजर आ रही हैं। यह फिल्म क्राइम थ्रिलर और सस्पेंस का जबरदस्त मिश्रण पेश करती है। 

  • फिल्म रिव्यू: शोभिता धुलिपाला की चीकाटिलो
  • स्टार रेटिंग: 3/5
  • पर्दे पर: Jan 23, 2026
  • डायरेक्टर: Sharan Koppisetty
  • शैली: Crime thriller

एंटरटेनमेंट न्यूज़: शोभिता धुलिपाला की नई क्राइम थ्रिलर फिल्म रिलीज हो चुकी है, जिसमें अपराध स्थल पर फूलों की माला, पायल और यौन उत्पीड़न से जुड़े कई सबूत दिखाए गए हैं। कहानी कई मर्डर के पैटर्न से जुड़ी हुई है, जिससे साफ है कि यह किसी खतरनाक सीरियल किलर का काम है। प्राइम वीडियो की यह फिल्म ‘चीकाटिलो’ है, जिसमें शोभिता धुलिपाला और विश्वदेव रचाकोंडा मुख्य भूमिकाओं में हैं। 

यह एक जबरदस्त क्राइम थ्रिलर है, जो एक क्राइम जर्नलिस्ट की कहानी बताती है, जो असली जिंदगी की क्राइम कहानियों को उजागर करने के लिए जानी जाती है। इस प्रक्रिया में उसे एक सीरियल रेपिस्ट के पीछे की परेशान करने वाली सच्चाई का पता चलता है, जो खून करने के बावजूद आज भी खुली फिज़ा में घूम रहा है।

कहानी का सार

‘चीकाटिलो’ की कहानी तेलंगाना के राजाचंद्रपुरम गांव में 1999 से शुरू होती है, जहां एक MRO ऑफिसर एक महिला डांसर के साथ अत्याचार करता है। इसके बाद गांव में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और पुलिस की अनदेखी दिखाई जाती है। फिर कहानी आज के समय में आती है, जहां संध्या (शोभिता धुलिपाला), एक जाने-माने टीवी चैनल की क्राइम जर्नलिस्ट है। वह असल जिंदगी के अपराधों की कहानियों को उजागर करने में जुटी है। 

संध्या को अपने ऑफिस में स्क्रिप्ट में बदलाव का पता चलता है, जिससे उसे समझ आता है कि उसे अपनी रिपोर्टिंग में स्वतंत्रता नहीं मिल रही। इसी बीच उसकी बातचीत से उसे पता चलता है कि वह एक पॉडकास्ट शुरू कर सकती है, जिसमें बिना किसी दबाव के सच्ची क्राइम कहानियां सुनाई जा सकें। फिल्म में कहानी में नया मोड़ तब आता है जब संध्या और उसके बॉयफ्रेंड को पता चलता है कि उनके इंटर्न बॉबी और उसके साथी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। 

पुलिस अपनी जांच शुरू करती है, लेकिन संध्या खुद एक क्राइम जर्नलिस्ट होने के नाते मामले की तह तक जाने का निर्णय लेती है। वह पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग देती है, जिससे हत्यारे तक पहुंचने में मदद मिलती है। जैसे-जैसे हत्याओं की संख्या बढ़ती है, मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन जाता है। फिल्म का मुख्य सवाल यह है कि क्या संध्या हत्यारे का पर्दाफाश कर पाएगी और क्या उसकी खुद की सुरक्षा खतरे में आएगी?

कास्ट की परफॉर्मेंस

शोभिता धुलिपाला ने संध्या के किरदार में गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने निडर और दृढ़निश्चयी पत्रकार की भूमिका को आत्मविश्वास और गंभीरता के साथ निभाया है। सहायक कलाकारों में विश्वदेव रचाकोंडा, चैतन्य कृष्णा, पायल राधाकृष्ण शेनॉय, थिरुवीर पी और जोरदार सुजाता शामिल हैं, जिन्होंने अपनी भूमिकाओं में संतोषजनक प्रदर्शन किया है। राजनेताओं और पुलिस अधिकारियों की भूमिकाएँ कहानी में विश्वसनीयता जोड़ती हैं।

शरण कोप्पिसेट्टी की निर्देशन शैली फिल्म की थ्रिलिंग और रहस्यमय प्रकृति को बनाए रखने में प्रभावी है। हालांकि कुछ जगहों पर फिल्म की गति थोड़ी धीमी हो जाती है। लेखन ने कहानी को अंत तक दिलचस्प बनाए रखा है और कई रोमांचक और चौंकाने वाले पल पेश किए हैं। संगीतकार श्रीचरण पकाला का बैकग्राउंड स्कोर डर और सस्पेंस को बढ़ाता है। मल्लिकार्जुन की सिनेमैटोग्राफी भी फिल्म के डरावने माहौल को प्रभावशाली बनाती है, विशेषकर गांव और अपराध स्थल के दृश्य। हालांकि, कुछ VFX दृश्यों की क्वालिटी कमजोर थी, जो देखने के अनुभव को थोड़ी प्रभावित करती है।

फिल्म कैसी है?

यदि आप क्राइम थ्रिलर और सस्पेंस पसंद करते हैं, तो ‘चीकाटिलो’ आपके लिए मनोरंजक साबित हो सकती है। यह फिल्म सीरियल किलर के मनोविज्ञान और उसके अपराधों की गहरी पड़ताल करती है। शोभिता धुलिपाला की परफॉर्मेंस फिल्म की जान है और उन्होंने अपने किरदार में विश्वास और गंभीरता का उत्कृष्ट मिश्रण दिखाया है। कुछ कमियों के बावजूद, फिल्म में सस्पेंस बनाए रखने और दर्शकों को अंत तक जोड़े रखने की क्षमता है।

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