IndiGo की दिसंबर तिमाही रिपोर्ट: मुनाफे में 78% कमी, ऑपरेशनल चुनौतियों का असर

IndiGo की दिसंबर तिमाही रिपोर्ट: मुनाफे में 78% कमी, ऑपरेशनल चुनौतियों का असर

IndiGo का दिसंबर तिमाही (Q3FY26) मुनाफा 78% घटकर 550 करोड़ रुपये पर आया। ऑपरेशनल डिसरप्शन और असाधारण खर्चों के कारण शेयर बाजार में 4% गिरावट दर्ज हुई। यदि असाधारण मदें हटाई जाएं तो प्रदर्शन मजबूत दिखता है।

IndiGo Share:देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo (इंडिग्लोब एविएशन) के निवेशकों को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा। दिसंबर तिमाही (Q3FY26) के नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में जोरदार बिकवाली हुई। बीएसई पर इंडिगो का शेयर करीब 4 फीसदी गिरकर इंट्रा-डे में 4,724 रुपये के निचले स्तर तक चला गया। इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी के मुनाफे में आई भारी कमी मानी जा रही है।

मुनाफे में 78% की भारी गिरावट

इंडिग्लोब एविएशन ने दिसंबर तिमाही में 550 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह पिछले साल की समान तिमाही में दर्ज 2,449 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 78 फीसदी कम है। कंपनी ने बताया कि मुनाफे में इतनी गिरावट असाधारण खर्चों के कारण हुई है। इन खर्चों में शामिल हैं: नए श्रम कानूनों को लागू करने के लिए 969 करोड़ रुपये, ऑपरेशनल डिसरप्शन के कारण 577 करोड़ रुपये और डॉलर में होने वाली देनदारियों पर करेंसी मूवमेंट से 1,035 करोड़ रुपये का असर।

असाधारण खर्च हटाने पर आंकड़े बेहतर

हालांकि, इंडिगो का कहना है कि अगर इन असाधारण खर्चों और फॉरेक्स प्रभाव को हटा दिया जाए, तो कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत दिखाई देता है। असाधारण मदों को हटाने के बाद दिसंबर तिमाही का अंडरलाइंग नेट प्रॉफिट 3,131 करोड़ रुपये रहा। वहीं, PAT (टैक्स के बाद मुनाफा) 3,846 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा, जो कंपनी की ऑपरेशनल मजबूती को दर्शाता है।

सितंबर तिमाही के नुकसान के बाद मजबूत वापसी

सितंबर तिमाही (Q2FY26) में इंडिगो ने 2,582 करोड़ रुपये का घाटा झेला था। इसके बाद दिसंबर तिमाही में कंपनी ने रिकवरी दिखाई। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 26 फीसदी बढ़कर 24,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, मुनाफे के मार्जिन पर दबाव बना रहा। PAT मार्जिन घटकर 2.3 फीसदी रह गया, जबकि एक साल पहले यह 11.1 फीसदी था।

ऑपरेशनल चुनौतियों ने बढ़ाई मुश्किलें

इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने बताया कि 3 से 5 दिसंबर के बीच बड़े पैमाने पर ऑपरेशनल डिसरप्शन हुए। इस दौरान कई फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई। इसके बावजूद एयरलाइन ने तिमाही में करीब 3.2 करोड़ यात्रियों को सफर कराया। यह आंकड़ा इंडिगो की मजबूत ऑपरेशनल क्षमता को दर्शाता है।

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