चीन का सीक्रेट मिशन: शेनझेन में बनी एडवांस चिप बनाने वाली मशीन

चीन का सीक्रेट मिशन: शेनझेन में बनी एडवांस चिप बनाने वाली मशीन

चीन ने शेनझेन में एडवांस चिप बनाने के लिए एक प्रोटोटाइप लिथोग्राफी मशीन तैयार की है। यह मशीन EUV लाइट जेनरेट कर सकती है और सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता के चीन के अभियान का हिस्सा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह वैश्विक टेक इंडस्ट्री में रणनीतिक और तकनीकी बदलाव ला सकता है।

चीन का एडवांस चिप मिशन: शेनझेन, चीन में विकसित एक प्रोटोटाइप लिथोग्राफी मशीन ने टेक दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस सीक्रेट प्रोजेक्ट में पूर्व ASML इंजीनियरों और चीनी वैज्ञानिकों ने मिलकर ऐसी मशीन बनाई है जो EUV लाइट जेनरेट कर सकती है। इसका उद्देश्य चीन को अमेरिकी और नीदरलैंड्स आधारित सप्लाई चेन से स्वतंत्र बनाकर घरेलू मशीनों पर हाई-एंड चिप्स बनाने में सक्षम बनाना है। यह पहल राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्राथमिकताओं और सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता अभियान का हिस्सा है।

एडवांस चिप निर्माण का लक्ष्य

इस सीक्रेट प्रोजेक्ट का मकसद चीन को पूरी तरह से घरेलू मशीनों पर एडवांस चिप्स बनाने में सक्षम बनाना है। चीन की योजना है कि वह अमेरिकी सप्लाई चेन से पूरी तरह स्वतंत्र हो जाए। राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्राथमिकताओं के अनुसार यह पहल चीन के सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता अभियान का हिस्सा है।

प्रोटोटाइप अभी तक पूरी तरह से काम करने वाली चिप्स नहीं बना पाया है, लेकिन यह पहले ही EUV लाइट जेनरेट कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि EUV लिथोग्राफी मशीनें तेज और हाई-कैपेसिटी वाले चिप्स बनाने के लिए आवश्यक हैं, जिनका उपयोग AI, हाई-एंड स्मार्टफोन और मिलिट्री सिस्टम में किया जाता है।

लिथोग्राफी मशीन क्या करती है

लिथोग्राफी मशीन सिलिकॉन वेफर्स पर छोटे-छोटे सर्किट प्रिंट करती है। EUV लाइट का इस्तेमाल करके ऐसे सर्किट बनाए जाते हैं जो इंसान के बाल से हजारों गुना पतले होते हैं। ASML ही इस समय दुनिया में ऐसी मशीनें बेचने वाली एकमात्र कंपनी है, और एक सिस्टम की कीमत लगभग $250 मिलियन (2075 करोड़ रुपये) है।

चीन को ASML से EUV मशीनें खरीदने की अनुमति नहीं है। अमेरिका ने 2018 से नीदरलैंड्स पर दबाव बनाया कि ASML चीन को ये सिस्टम न बेचे। ASML के CEO क्रिस्टोफ़ फ़ोकेट ने अप्रैल में कहा था कि चीन को ऐसी टेक्नोलॉजी डेवलप करने में कई साल लगेंगे, लेकिन शेनझेन प्रोटोटाइप ने संकेत दिया है कि चीन कई विशेषज्ञों की उम्मीद से कहीं ज्यादा करीब है।

वैश्विक टेक पर असर

चीन का यह प्रोजेक्ट सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ा सकता है। अगर चीन सफल होता है, तो वह अमेरिकी और नीदरलैंड्स आधारित सप्लाई चेन से स्वतंत्र होकर घरेलू मशीनों पर एडवांस चिप्स बना सकेगा। टेक जगत के विश्लेषक इसे चीन के लिए रणनीतिक और तकनीकी सफलता मान रहे हैं।

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