चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव का बड़ा बयान, 5 करोड़ लोन विवाद पर खुलकर रखी बात

चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव का बड़ा बयान, 5 करोड़ लोन विवाद पर खुलकर रखी बात

15 साल पुराने चेक बाउंस केस में जेल से रिहा होने के बाद राजपाल यादव ने पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ नहीं छिपाया और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान किया। 5 करोड़ रुपये के लोन विवाद को व्यावसायिक निर्णय बताया।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेता Rajpal Yadav इन दिनों 15 साल पुराने चेक बाउंस केस को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में इस मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा और फिर अंतरिम जमानत पर रिहाई मिली। जेल से बाहर आने के बाद पहली बार उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे विवाद पर खुलकर बात की।

राजपाल यादव ने साफ शब्दों में कहा कि उनके सिर पर कोई तलवार नहीं लटकी है। उन्होंने इस मामले को लेकर फैली अफवाहों और चर्चाओं पर भी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि उन्होंने कभी कुछ छिपाने की कोशिश नहीं की और कानून की प्रक्रिया का सम्मान किया है।

क्या अब भी लटकी है तलवार

54 वर्षीय अभिनेता से जब पूछा गया कि क्या जेल से बाहर आने के बाद भी उन पर कानूनी खतरा बना हुआ है, तो उन्होंने हल्के अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि तलवार न पहले लटकी थी, न अब लटकी है और न आगे लटकेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।

राजपाल यादव ने कहा कि जिंदगी में जब कुछ छिपाना होता है, तब बहाने बनाने पड़ते हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा खुलकर बात की है। उनका कहना है कि डिजिटल युग में कुछ भी छिपाया नहीं जा सकता, इसलिए उन्होंने शुरुआत से ही अपने पक्ष को स्पष्ट रखा।

5 करोड़ रुपये के लोन पर विवाद

यह मामला 5 करोड़ रुपये के लोन से जुड़ा है। साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म Ata Pata Laapata के लिए यह रकम उधार ली थी।

अभिनेता के मुताबिक फिल्म बनाने में कुल 20 से 22 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। उन्होंने कहा कि 5 करोड़ रुपये फिल्म के लिए लिए गए थे और यह एक व्यावसायिक निर्णय था।

राजपाल यादव ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में रिलीज का समय और डिस्ट्रीब्यूशन कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है। फिल्म कब रिलीज होगी, यह निर्माता और डिस्ट्रीब्यूटर तय करते हैं। ऐसे में किसी भी प्रक्रिया को जल्दबाजी या अपने तरीके से चलाने की कोशिश करने से नुकसान हो सकता है।

पब्लिक में मामला उठाने पर जताई नाराजगी

राजपाल यादव ने इस बात पर नाराजगी जताई कि 5 करोड़ रुपये के मामले को जिस तरह सार्वजनिक किया गया, वह तरीका सही नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर कोई कानूनी विवाद है तो उसे कोर्ट में सुलझाया जाना चाहिए, न कि पब्लिक प्लेटफॉर्म पर उछाला जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि वह हाई कोर्ट से लेकर जिस भी अदालत ने बुलाया, वहां पेश होने के लिए हमेशा तैयार रहे हैं। उनके अनुसार उन्होंने कभी कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश नहीं की।

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