करण जौहर की टैलेंट एजेंसी से जान्हवी कपूर हुई एग्जिट, फिल्ममेकर बोले- 'अभिनेताओं में वफादारी नहीं'

करण जौहर की टैलेंट एजेंसी से जान्हवी कपूर हुई एग्जिट, फिल्ममेकर बोले- 'अभिनेताओं में वफादारी नहीं'

बॉलीवुड फिल्ममेकर और प्रोड्यूसर करण जौहर ने हाल ही में अपनी टैलेंट मैनेजमेंट एजेंसी धर्मा कॉर्नरस्टोन आर्टिस्ट एजेंसी (DCAA) से जान्हवी कपूर के एग्जिट पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। 

एंटरटेनमेंट न्यूज़: हाल ही में खबर आई है कि जाह्नवी कपूर, जिनका करियर पहले धर्मा कॉर्नरस्टोन आर्टिस्ट एजेंसी (डीसीएए) के माध्यम से मैनेज किया जा रहा था, ने अब अपनी एजेंसी बदल ली है। अब जाह्नवी कलेक्टिव आर्टिस्ट नेटवर्क में शामिल हो गई हैं। सिर्फ जाह्नवी ही नहीं, बल्कि पहले कई बड़े एक्टर्स ने भी लंबे समय तक एक ही एजेंसी के साथ रहने के बाद अपनी मैनेजमेंट एजेंसी बदली है। 

इसमें रणवीर सिंह और परिणीति चोपड़ा जैसे नाम शामिल हैं, जिन्होंने YRF की टैलेंट मैनेजमेंट एजेंसी को छोड़कर नए रास्ते अपनाए। इस बदलाव से इंडस्ट्री में टैलेंट मैनेजमेंट की रणनीतियों और कलाकारों की पेशेवर प्राथमिकताओं पर चर्चा तेज हो गई है।

जान्हवी कपूर ने क्यों बदली एजेंसी

जान्हवी कपूर, जिनका करियर शुरू में करण जौहर की एजेंसी DCAA के माध्यम से मैनेज किया जा रहा था, अब कलेक्टिव आर्टिस्ट नेटवर्क में शामिल हो गई हैं। जान्हवी सिर्फ अकेली नहीं हैं, बल्कि इससे पहले कई बड़े नामों ने भी अपने करियर के दौरान एजेंसी बदली है। इनमें रणवीर सिंह और परिणीति चोपड़ा शामिल हैं, जिन्होंने YRF टैलेंट मैनेजमेंट एजेंसी को छोड़ कर नए रास्ते अपनाए।

करण जौहर ने इस बदलाव पर कहा, अभिनेताओं का इस बिजनेस में किसी एजेंसी के प्रति स्थायी वफादार रहना मुश्किल है। ये इंडस्ट्री बेहद कॉम्पिटिटिव है और कलाकार हर समय अपने करियर के लिए नए अवसर तलाशते रहते हैं। इसलिए हर दो साल में बदलाव होना सामान्य प्रक्रिया बन गई है।

करण जौहर का नजरिया: टैलेंट मैनेजमेंट में चुनौतियां

करण जौहर ने टैलेंट मैनेजमेंट के बारे में अपनी निजी राय साझा करते हुए कहा कि यह एक थैंकलेस जॉब है। उनका मानना है कि एक्टर्स कोई एजेंसी के “संपत्ति” नहीं हैं। उन्होंने कहा:

'इस बिजनेस में कलाकार कोई नहीं हैं। वे किसी के नहीं हैं। आप अपने जीवन के दो साल किसी टैलेंट पर लगाते हैं और वे अचानक कहीं और चले जाते हैं। फिर वापस आना चाहते हैं या कहीं और जाते हैं। यह एक दुष्चक्र है।'

उन्होंने आगे बताया कि सिर्फ कलाकारों के साथ जुड़े रहने से पैसा कमाना अब कठिन होता जा रहा है। इसलिए टैलेंट एजेंसियां अब इक्विटी पार्टनरशिप और निवेश के नए विकल्प तलाश रही हैं।

टैलेंट मैनेजमेंट का असली चेहरा

करण जौहर ने कहा कि इस बिजनेस का 90 प्रतिशत हिस्सा लोगों की अहम और असुरक्षाओं को संभालने से जुड़ा है। उन्होंने कहा, अगर आप टैलेंट मैनेजमेंट को केवल व्यावसायिक अवसर के रूप में देखेंगे, तो यह सफल नहीं होगा। इस बिजनेस में इंसानियत, समझदारी और धैर्य की बहुत जरूरत है। फिल्ममेकर ने यह भी कहा कि 31 साल इस इंडस्ट्री में काम करने के बाद, उन्होंने सफलता और असफलता के प्रति संतुलन बनाए रखा है।

“सफलता और असफलता मेरे लिए खुशी और दुख का कारण नहीं हो सकती, वरना तो मैं आईसीयू में पहुंच जाऊंगा। DCAA केवल जान्हवी कपूर ही नहीं, बल्कि कई प्रमुख बॉलीवुड कलाकारों को मैनेज करती है। इनमें शामिल हैं:

  • सारा अली खान
  • रोहित सराफ
  • शनाया कपूर
  • राशा थडानी

करण का कहना है कि इस इंडस्ट्री में वफादारी के बजाय कलाकारों की प्राथमिकता हमेशा उनके करियर के मौके और व्यक्तिगत विकास पर होती है।

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