छह माह में सीएमओ से तीन बड़े अधिकारी हटाए गए, क्या है उनके बाहर होने की असली वजह?

छह माह में सीएमओ से तीन बड़े अधिकारी हटाए गए, क्या है उनके बाहर होने की असली वजह?

राजस्थान के जयपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में बीते छह महीनों से लगातार बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल हो रहा है। भाजपा सरकार बनने के बाद सीएमओ में नियुक्त किए गए तीन वरिष्ठ अफसरों को अलग-अलग विवादों के चलते हटा दिया गया। हालांकि हटाए जाने के बावजूद सभी को महत्वपूर्ण पदस्थापनियां मिली हैं।

जयपुर: राजस्थान में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में हो रहे लगातार बदलावों ने ब्यूरोक्रेसी में हलचल बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के शपथ लेने के बाद आईएएस शिखर अग्रवाल, आलोक गुप्ता, संदेश नायक, सिद्धार्थ सिहाग और आईपीएस गौरव श्रीवास्तव को सीएमओ में नियुक्त किया गया था। लेकिन मात्र छह महीनों में इनमें से तीन अफसरों को विभिन्न विवादों और आंतरिक कारणों के चलते हटा दिया गया। खास बात यह है कि सीएमओ जैसे महत्वपूर्ण पद से हटाए जाने के बावजूद इन अधिकारियों को सरकार ने फिर भी अहम पद सौंपे हैं।

इस दौरान अन्य अफसरों की तैनाती भी बदली गई, जिसमें आईएएस अरविंद पोसवाल की नियुक्ति और हाल ही में नीतीश शर्मा को सीएमओ में पदस्थ रखने का निर्णय शामिल है। यह लगातार हो रहे बदलाव प्रशासनिक रणनीति में तेज सक्रियता और सरकार की नई कार्यशैली को दर्शाते हैं।

आलोक गुप्ता का कार्यकाल

फरवरी 2024 में सीएम के प्रमुख सचिव बने आलोक गुप्ता शुरुआत में सुचारू रूप से काम करते रहे। शिखर अग्रवाल के साथ जिम्मेदारियों का बंटवारा भी सहजता से हो गया था। लेकिन वर्ष भर बाद ऊपरी स्तर पर समन्वय की दिक्कतें सामने आने लगीं और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच मतभेद की चर्चाएँ तेज हो गईं।

इसके बाद जून 2025 में उन्हें सीएमओ से हटाकर उद्योग विभाग में भेजा गया। ताज़ा तबादला सूची में उनका फिर से परिवर्तन हुआ और अब वे प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष बना दिए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि विवादों के बावजूद उन्हें लगातार महत्व पूर्ण जिम्मेदारियां मिलती रही हैं।

गौरव श्रीवास्तव की तैनाती

जनवरी 2024 में सीएम भजनलाल शर्मा की सुरक्षा का दायित्व आइजी गौरव श्रीवास्तव को सौंपा गया था। लगभग डेढ़ साल तक उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली, हालांकि अंदरूनी असहमति और कार्यशैली को लेकर समय-समय पर चर्चाएँ उठती रहीं।

आखिरकार जुलाई 2025 में उन्हें सीएमओ से हटाकर उदयपुर रेंज का आइजी नियुक्त किया गया। उनकी जगह पर सीएमओ में डीआइजी गौरव यादव की पोस्टिंग की गई। यह फैसला सीएमओ में लगातार बदलती प्राथमिकताओं का संकेत देता है।

शिखर अग्रवाल की भूमिका

सीएमओ में अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में शिखर अग्रवाल को सबसे अहम पद दिया गया था। फरवरी 2024 में पदभार संभालने के बाद लगभग एक वर्ष तक उन्होंने प्रमुख भूमिका निभाई, लेकिन समय के साथ अन्य अधिकारियों के साथ तालमेल को लेकर मुश्किलें सामने आने लगीं।

बाद में वरिष्ठ अधिकारी सुधांश पंत के साथ विवाद की खबरें भी सामने आईं। पंत के हटने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हुई और आखिरकार दो दिन पहले अग्रवाल को भी सीएमओ से हटा दिया गया। अब उन्हें उद्योग विभाग में जिम्मेदारी दी गई है।

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