CLAT 2025: जानें क्या है और किन लॉ नौकरियों का रास्ता खोलता है

CLAT 2025: जानें क्या है और किन लॉ नौकरियों का रास्ता खोलता है

कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) देश की प्रमुख लॉ एंट्रेंस परीक्षा है, जो 26 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड LLB और LLM कोर्सेज में प्रवेश देती है। CLAT 2026 परीक्षा 7 दिसंबर को आयोजित होगी। इसे क्लियर करने वाले छात्रों के लिए कॉरपोरेट लॉयर, लिटिगेशन लॉयर, ज्यूडिशियल सर्विस और सरकारी व प्राइवेट संस्थानों में हाई-पेइंग करियर के रास्ते खुलते हैं।

CLAT 2026 Exam: देश की प्रमुख लॉ एंट्रेंस परीक्षा, कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) 7 दिसंबर 2025 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के जरिए देशभर की 26 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड LLB और LLM कोर्सेज में एडमिशन मिलता है। परीक्षा में भाग लेने वाले करीब 75,000 से अधिक छात्र विभिन्न करियर विकल्पों जैसे कॉरपोरेट लॉयर, लिटिगेशन, ज्यूडिशियल सर्विस और हाई-प्रोफाइल सरकारी एवं प्राइवेट संस्थानों में काम करने के अवसर पा सकते हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सभी विवरण जांचना जरूरी है।

CLAT क्या है और क्यों है खास

कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) देश की प्रमुख लॉ एंट्रेंस परीक्षाओं में से एक है। इस परीक्षा के जरिए देशभर की 26 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिलता है। CLAT 2026 परीक्षा 7 दिसंबर को आयोजित की जाएगी और इससे 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड LLB और LLM कोर्सेज में प्रवेश लिया जा सकता है। हर साल करीब 75,000 से अधिक स्टूडेंट्स इस परीक्षा में हिस्सा लेते हैं, जो इसे भारतीय लीगल सेक्टर का सबसे बड़ा प्रवेश द्वार बनाता है।

एग्जाम में शामिल होने के लिए कंसोर्टियम ने एडमिट कार्ड जारी किया है। एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र, दिन, समय और अन्य गाइडलाइंस का विवरण होता है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे कार्ड डाउनलोड करने के बाद सभी जानकारियों की सहीता सुनिश्चित करें और किसी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत कंसोर्टियम से संपर्क करें।

CLAT से खुलने वाले करियर के विकल्प

CLAT क्लियर करने के बाद एनएलयू से पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को कॉरपोरेट लॉयर, लिटिगेशन लॉयर और ज्यूडिशियल सर्विस जैसे कई करियर विकल्प मिलते हैं। कॉरपोरेट लॉयर के रूप में शुरुआती सैलरी 15-25 लाख रुपये सालाना तक हो सकती है। वहीं लिटिगेशन लॉयर के तौर पर कोर्ट में प्रैक्टिस करके प्रतिष्ठा और कमाई दोनों में बढ़ोतरी की जा सकती है।

CLAT ग्रेजुएट्स PCS-J जैसी परीक्षा देकर सिविल जज या ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट बन सकते हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट, सरकारी संस्थान, थिंक टैंक और पब्लिक पॉलिसी में लीगल रिसर्च और एडवाइजरी की भूमिका भी निभाई जा सकती है। भारत की बड़ी लॉ फर्म्स भी एनएलयू से ग्रेजुएट्स को बड़े पैकेज में हायर करती हैं, जिनमें पैकेज 20-30 लाख रुपये तक हो सकता है।

CLAT कोर्स और स्पेशलाइजेशन

CLAT के जरिए अब ग्रेजुएट प्लस LLB पांच साल में पूरी की जा सकती है। लास्ट दो साल में छात्र अपनी पसंद के स्पेशलाइजेशन चुन सकते हैं, जैसे कॉरपोरेट लॉ, कॉन्स्टिट्यूशन लॉ, ट्रेड लॉ और क्रिमिनल लॉ। किसी भी स्ट्रीम के स्टूडेंट इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

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