रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद भारतीय शेयर बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली। आईटी शेयरों में कमजोरी के चलते सेंसेक्स 322 अंक और निफ्टी 78 अंक गिरकर लाल निशान में बंद हुआ।
Closing Bell Today: भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते के पहले कारोबारी दिन उतार-चढ़ाव भरा रुख दिखाया। रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को तरजीह दी, जिससे बाजार लाल निशान में बंद हुआ। खासतौर पर आईटी शेयरों में दबाव के चलते प्रमुख इंडेक्स फिसलते नजर आए। हालांकि कुछ चुनिंदा शेयरों और सेक्टरों में खरीदारी भी देखने को मिली, जिससे बाजार में पूरी तरह कमजोरी का माहौल नहीं बना।
सेंसेक्स और निफ्टी का क्लोजिंग हाल
सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा की कमजोरी के साथ 85,640 के आसपास खुला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 85,883 का उच्च स्तर और 85,315 का निचला स्तर छुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 322.39 अंक की गिरावट के साथ 85,439.62 पर बंद हुआ।
वहीं एनएसई निफ्टी 50 की शुरुआत 26,333 के करीब लगभग सपाट रही। कारोबार के दौरान निफ्टी 26,210 तक फिसला। आखिरकार यह 78.25 अंक की कमजोरी के साथ 26,250 पर बंद हुआ। रिकॉर्ड स्तर के बाद आई यह गिरावट बाजार में मुनाफावसूली के संकेत देती है।
बाजार में गिरावट की मुख्य वजह
बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव आईटी शेयरों से आया। वैश्विक स्तर पर आईटी कंपनियों के ग्राहकों के खर्च में अनिश्चितता बनी हुई है। इसके चलते निवेशकों ने इस सेक्टर में सतर्कता दिखाई। साथ ही रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद शॉर्ट टर्म निवेशकों ने मुनाफा निकालना बेहतर समझा।
इसके अलावा भारतीय 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में तेजी भी बाजार की धारणा पर असर डालती दिखी। ऊंची सरकारी उधारी की उम्मीदों के चलते बॉन्ड यील्ड बढ़ी, जिससे इक्विटी बाजार पर दबाव बना।
एक्सपर्ट व्यू से बाजार की स्थिति
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के मुताबिक घरेलू बाजारों ने 2026 के पहले पूरे कारोबारी हफ्ते की शुरुआत सतर्क रुख के साथ की। उन्होंने कहा कि 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में तेजी सरकार की अधिक उधारी की उम्मीदों को दिखाती है।
हालांकि सकारात्मक संकेत भी नजर आए। दिसंबर में जीएसटी कलेक्शन नवंबर की गिरावट के बाद फिर से बढ़ा है। मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में हल्की नरमी जरूर आई है, लेकिन यह अभी भी विस्तार के दायरे में बना हुआ है। बैंकिंग सेक्टर से जुड़े शुरुआती तिमाही आंकड़े क्रेडिट और एडवांस में मजबूती दिखाते हैं, जिससे समग्र बाजार धारणा को सहारा मिला है।
आगे बाजार की दिशा क्या तय करेगी
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में तीसरी तिमाही के नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर अमेरिका के प्रमुख आर्थिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व के संकेतों पर निवेशकों की नजर रहेगी।
वहीं बैंक ऑफ जापान ने अपनी सख्त मौद्रिक नीति के रुख को दोहराया है। इससे ग्लोबल मार्केट्स में भी हलचल बनी हुई है। कुल मिलाकर बाजार की धारणा फिलहाल संतुलित रूप से सकारात्मक कही जा सकती है, लेकिन ऊंचे स्तरों पर उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में HDFC Bank, Infosys, HCL Tech, Bajaj Finance और TCS सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। इन शेयरों में आई कमजोरी ने इंडेक्स पर दबाव बढ़ाया।
वहीं दूसरी ओर Bharat Electronics यानी BEL में करीब 2 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली। इसके अलावा HUL, Tata Steel, UltraTech Cement और Axis Bank जैसे शेयरों ने बाजार को कुछ हद तक संभालने का काम किया।
मिडकैप और स्मॉलकैप का हाल
ब्रोडर मार्केट में मिला-जुला रुख देखने को मिला। एनएसई निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.53 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। इससे साफ है कि छोटे और मझोले शेयरों में निवेशक फिलहाल सतर्क बने हुए हैं।
सेक्टर परफॉर्मेंस का हाल
सेक्टर के लिहाज से आईटी और ऑयल एंड गैस शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। निफ्टी आईटी और निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स दोनों करीब 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
वहीं रियल एस्टेट सेक्टर ने मजबूती दिखाई। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 2.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ दिन का टॉप परफॉर्मर रहा। इसके अलावा निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में भी खरीदारी देखने को मिली।
ग्लोबल मार्केट्स का असर
एशियाई शेयर बाजारों में सोमवार को ज्यादातर जगहों पर तेजी देखने को मिली। निवेशक वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के असर का आकलन कर रहे थे। साथ ही साल के पहले पूरे ट्रेडिंग हफ्ते में आने वाले अहम आर्थिक आंकड़ों को लेकर भी सतर्कता बनी रही।
जापान को छोड़कर एशिया क्षेत्र के शेयरों का MSCI Index करीब 1.2 प्रतिशत चढ़ा। S&P 500 ई-मिनी फ्यूचर्स में भी हल्की बढ़त रही। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 2.8 प्रतिशत उछलकर लगभग दो महीने पहले बने रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया।
दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजार भी 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के साथ नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे। वहीं चीन के बाजार सुस्त रहे और हैंग सेंग इंडेक्स में मामूली बढ़त दर्ज हुई।
आईपीओ से जुड़ा अपडेट
आईपीओ मार्केट की बात करें तो एसएमई सेगमेंट में Modern Diagnostics IPO का अलॉटमेंट सोमवार को फाइनल हो सकता है। वहीं मेनबोर्ड कैटेगरी में कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनी Bharat Coking Coal Limited यानी BCCL अपना आईपीओ ला रही है। यह आईपीओ 9 जनवरी को खुलेगा और 13 जनवरी को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 8 जनवरी को होगी।











