TRAI का नया आदेश: विदेशी SIM और eSIM के लिए आसान नियम

TRAI का नया आदेश: विदेशी SIM और eSIM के लिए आसान नियम

TRAI ने Export-Only IoT और M2M डिवाइस में विदेशी SIM और eSIM के इस्तेमाल के लिए नई श्रेणी ‘International M2M SIM Service Authorisation’ की सिफारिश की है। इसके तहत भारतीय कंपनियां पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से विदेशी SIM प्राप्त कर सकेंगी, जिसकी वैधता 10 साल तक रहेगी। यह नियम Make in India पहल को भी मजबूती देगा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगा।

TRAI on Foreign SIM: टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने नई सिफारिश पेश की है, जिसके तहत भारत की कंपनियां Export-Only IoT और M2M डिवाइस में विदेशी SIM और eSIM का कानूनी उपयोग कर सकेंगी। यह नियम मंगलवार को TRAI द्वारा जारी किया गया और इसमें पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल तरीके से होगी। इससे स्मार्ट मीटर, कनेक्टेड व्हीकल और इंडस्ट्रियल सेंसर बनाने वाली कंपनियों को वैश्विक बाजार में सुविधा मिलेगी और Make in India पहल को भी बूस्ट मिलेगा।

International M2M SIM Service Authorisation

TRAI ने एक नई श्रेणी ‘International M2M SIM Service Authorisation’ की सिफारिश की है। इस श्रेणी के तहत भारतीय कंपनियां कानूनी तौर पर विदेशी SIM और eSIM कार्ड हासिल कर सकती हैं और उन्हें उन डिवाइस में इस्तेमाल कर सकती हैं, जो केवल निर्यात के लिए बनाए गए हैं।

ऑथराइजेशन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। आवेदन डिजिटल साइन के साथ मंजूर किया जाएगा और इसकी वैधता 10 साल की होगी। कंपनियों को न्यूनतम इक्विटी, बैंक गारंटी या एंट्री फीस देने की आवश्यकता नहीं होगी, सिर्फ 5,000 रुपये की प्रोसेसिंग फीस देनी होगी।

भारत में टेस्टिंग की सुविधा

टेस्टिंग और क्वालिटी चेक के लिए TRAI ने यह भी कहा है कि विदेशी SIM/eSIM कार्ड को भारत में 6 महीने तक सीमित इस्तेमाल की अनुमति दी जाए। इससे कंपनियों को अपने डिवाइस की टेस्टिंग और नेटवर्क कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

सुरक्षा और नियमों का संतुलन

TRAI का कहना है कि इस नए रेगुलेटरी ढांचे से न केवल एक्सपोर्ट बढ़ेगा बल्कि सुरक्षा और नियमों का पालन भी सुनिश्चित होगा। DoT को अन्य केंद्रीय मंत्रालयों के साथ मिलकर एक समन्वित नीति तैयार करने की सलाह दी गई है। इससे स्मार्ट मीटर, कनेक्टेड व्हीकल, इंडस्ट्रियल सेंसर और अन्य IoT डिवाइस बनाने वाली कंपनियों को वैश्विक बाजार में सुविधा होगी।

Make in India को मिलेगा बूस्ट

इस नियम के लागू होने से भारत में बने IoT और M2M डिवाइस की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और देश घरेलू मैन्युफैक्चरिंग का एक मजबूत ग्लोबल हब बन सकेगा। TRAI का यह प्रस्ताव सरकार की Make in India पहल के लिए भी लाभकारी साबित होगा।

Leave a comment