दावोस में गाजा पीस बोर्ड के हस्ताक्षर समारोह के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को अंतिम चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि हथियार नहीं छोड़े गए तो संगठन को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।
World News: इजराइल और गाजा के बीच जारी संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर हमास को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच के दौरान ट्रंप ने गाजा से जुड़े अपने शांति प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए हमास को आखिरी चेतावनी दी है।
दावोस में गाजा पीस बोर्ड के हस्ताक्षर समारोह के दौरान ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अगर हमास हथियार छोड़ने पर सहमत नहीं होता है, तो उसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। ट्रंप का यह बयान न केवल हमास के लिए बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है।
दावोस में दोहराया पुराना रुख
डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में अपने पहले दिए गए बयान को दोहराते हुए कहा कि हमास के साथ किसी भी तरह का समझौता तभी संभव है जब वह पूरी तरह निरस्त्रीकरण यानी हथियार छोड़ने पर राजी हो। ट्रंप ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो हमास के लिए कोई भविष्य नहीं बचेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को अगले दो या तीन दिनों में स्थिति साफ हो जाएगी। ट्रंप ने आगे कहा कि ज्यादा से ज्यादा अगले तीन हफ्तों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि हमास इस शांति ढांचे का पालन करने का इरादा रखता है या नहीं।
गाजा पीस बोर्ड का औपचारिक शुभारंभ
दावोस में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान गाजा पीस बोर्ड चार्टर का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह पहल ट्रंप प्रशासन द्वारा गाजा में युद्धविराम लागू कराने, पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने और सुरक्षा समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

ट्रंप ने इस बोर्ड को सिर्फ गाजा तक सीमित न बताते हुए कहा कि इसका दायरा भविष्य में क्षेत्र से बाहर के संघर्षों तक भी बढ़ाया जा सकता है। उनका कहना था कि यह शांति बोर्ड आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी में साइनिंग
इस उच्चस्तरीय समारोह में कई देशों के नेता और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। बहरीन और मोरक्को के नेता ट्रंप के साथ मंच पर मौजूद थे और उन्होंने भी पीस बोर्ड के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
इसके अलावा अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। अन्य देशों के प्रतिनिधि भी एक-एक करके आगे आए और पीस बोर्ड चार्टर पर हस्ताक्षर किए।
डोनाल्ड ट्रंप ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्हें कैमरों के सामने लहराया और फिर अन्य नेताओं को साइन करने के लिए आमंत्रित किया। यह दृश्य दावोस में मौजूद मीडिया और वैश्विक मंच पर काफी चर्चा का विषय बना।
ट्रंप बने पीस बोर्ड के पहले अध्यक्ष
हस्ताक्षर समारोह के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि वह खुद गाजा पीस बोर्ड के पहले अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे। उन्होंने इस जिम्मेदारी को अपने लिए सम्मान की बात बताया।
ट्रंप ने कहा कि यह संस्था भविष्य में अब तक की सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक संस्थाओं में से एक बन सकती है। उन्होंने दावा किया कि लगभग हर देश इस बोर्ड का हिस्सा बनना चाहता है।
संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करेगा बोर्ड
अपने संबोधन में ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि गाजा पीस बोर्ड संयुक्त राष्ट्र यानी यूनाइटेड नेशंस (United Nations) के साथ मिलकर काम करेगा। उनका कहना था कि एक बार बोर्ड पूरी तरह से गठित हो जाने के बाद यह संस्था बड़े फैसले लेने में सक्षम होगी। ट्रंप ने दावा किया कि इस बोर्ड के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय एकजुट होकर संघर्षग्रस्त इलाकों में शांति स्थापित कर सकता है।
हमास के लिए पहली बड़ी परीक्षा
ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी कहा कि गाजा पीस बोर्ड की पहली और सबसे बड़ी परीक्षा हमास का रवैया होगा। उन्होंने साफ कहा कि निरस्त्रीकरण पर कोई समझौता नहीं होगा। उनके अनुसार, अगर हमास हथियार छोड़ता है तो शांति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।












