दीया मिर्जा देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंचों पर पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर खुलकर बोलती रही हैं। हाल ही में जब वह दिल्ली आईं, तो मीडिया से उनकी खास बातचीत हुई।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा ने हाल ही में AI (Artificial Intelligence) और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि AI का गलत प्रयोग एक पूरी पीढ़ी की सोच और सीखने की क्षमता को बर्बाद कर सकता है। दीया मिर्जा अपने बच्चों समायरा और अव्यान के माध्यम से यह साबित करती हैं कि सीख केवल सिखाकर नहीं बल्कि करके दिखाकर दी जा सकती है। उनका 5 साल का बेटा पहले से ही समझता है कि सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग क्यों नहीं करना चाहिए।
मैं अपने बच्चे को कुछ सिखा नहीं सकती, बस करके दिखा सकती हूं। मेरी चॉइस और मेरा एक्शन, उसे खुद बताते हैं कि उसे क्या चुनना चाहिए और क्या करना सही है, दीया ने कहा।
बच्चों में पर्यावरण के प्रति समझ पैदा करना
दीया ने बताया कि उनका बेटा अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण और नैतिक मूल्यों को अपनाता है। “खाना खाने के बाद भगवान और किसान को धन्यवाद कहना, टूटे हुए सामान को ठीक करना और कम्पोस्टिंग का प्रयोग – ये सब वो समझता है। उसे पता है कि हर एक चीज़ का महत्व है। दीया ने कहा कि Gen Z की पीढ़ी भावुक और समझदार है।
उनकी मानसिक स्वास्थ्य और समस्या सुलझाने की समझ पुराने जमाने की तुलना में बेहतर है। उन्होंने कहा, “Gen Z सॉल्यूशन ढूंढने और समस्या हल करने में कमिटेड हैं। लेकिन शॉर्टकट और जल्दी परिणाम चाहने वाले भी हैं।

AI के खतरों को लेकर चेतावनी
दीया मिर्जा का कहना है कि AI के बढ़ते उपयोग से बच्चे खुद से सोचने की क्षमता खो सकते हैं। AI हर जवाब और काम एक सेकेंड में तैयार कर देता है। ऐसे में बच्चे खुद से सीखना और सोचने की क्षमता खो सकते हैं। यह पूरी पीढ़ी के लिए खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि AI के सर्वर और डेटा स्टोरेज पर्यावरण पर भी गंभीर प्रभाव डालते हैं। “AI हब बनाने और सर्वर बनाने के लिए बहुत पानी की जरूरत होती है। ऐसे में अगर हम साफ पानी, हवा और हेल्दी फूड नहीं दे सकते तो आगे बढ़ना सही नहीं है।
दीया ने AI के दुरुपयोग के उदाहरण साझा किए। “किसी ने मेरी तस्वीरें भेजकर मेरी पहचान और चेहरा किसी और की बॉडी पर लगाई। यह देखकर मुझे डर लगा। AI हमारी आवाज, चेहरा और पूरी पहचान चुरा सकता है। ऐसे में हमें कानून बनाना होगा जो प्राइवेसी और पहचान सुरक्षित रखे। दीया का मानना है कि AI को जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करना जरूरी है। केवल तभी यह समाज और पर्यावरण के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।









