दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण: सपा सांसद और गिरिराज सिंह में शुरू हुई जुबानी जंग, शव जलाने और होलिका दहन को बनाया मुद्दा

दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण: सपा सांसद और गिरिराज सिंह में शुरू हुई जुबानी जंग, शव जलाने और होलिका दहन को बनाया मुद्दा

दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग देखने को मिली। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद आरके चौधरी ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली-NCR में जहरीली हवा के लिए शवों का दहन और होलिका दहन जिम्मेदार हैं।

नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के सांसद आरके चौधरी ने दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण के लिए शवों को जलाने और होलिका दहन को जिम्मेदार ठहराया है। यूपी के मोहनलालगंज से सांसद आरके चौधरी ने गुरुवार को कहा कि शव जलाने पर कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जित होती है, जो वातावरण में ऑक्सीजन को प्रभावित करती है। 

उन्होंने यह भी कहा कि होलिका दहन के समय आग जलाने से भी यही गैसें निकलती हैं। सांसद ने आरोप लगाया कि भारत हवा में बढ़ते प्रदूषण को लेकर गंभीर नहीं है। वहीं, इस बयान पर बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सपा सांसद अपना धर्म बदल लें।

आरके चौधरी का बयान: पर्यावरण पर गंभीर चेतावनी

यूपी के मोहनलालगंज से सांसद आरके चौधरी ने कहा कि जब शव जलाए जाते हैं, तो उनसे हानिकारक गैसें निकलती हैं, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और ऑक्सीजन की मात्रा घटती है। उन्होंने कहा:

'हमारा देश हवा में प्रदूषण को लेकर गंभीर नहीं है। होलिका दहन के समय भी आग से कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड निकलती है। इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।'

सांसद ने बताया कि उन्होंने पर्यावरण मंत्रालय में काम किया है और देखा है कि अधिकांश एनजीओ और सरकारी विभाग सिर्फ पेड़ लगाने और प्रदूषण नियंत्रण के मामूली उपायों पर ध्यान देते हैं, जबकि देशभर में शवों को जलाने और त्योहारों में बड़े पैमाने पर आग जलाने से वातावरण में ऑक्सीजन की कमी और हानिकारक गैसों का स्तर बढ़ता है।

आरके चौधरी ने कहा कि काम होना चाहिए कि ऑक्सीजन का स्तर बढ़े और कार्बन डाइऑक्साइड कम निकले। उनका कहना है कि देश में पांच करोड़ जगहों पर होलिका दहन होता है, जिससे बड़ी मात्रा में कार्बन गैसें वातावरण में मिलती हैं। सपा सांसद ने जोर देते हुए कहा, यह धर्म की बात नहीं है। जो गैस इंसान और जानवरों के लिए हानिकारक है, उसे रोकना जरूरी है। हर हाल में ऑक्सीजन की सुरक्षा करनी चाहिए।

गिरिराज सिंह का पलटवार

सपा सांसद के बयान पर बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने तीखा हमला किया। उन्होंने कहा:

'सपा सांसद अपना धर्म बदल लें। हम नहीं जानते कि वह हिंदू हैं या मुसलमान। हिंदू धर्म में शव जलाने के लिए साढ़े तीन हाथ जमीन की जरूरत होती है, जबकि दूसरे धर्म में प्रत्येक व्यक्ति के लिए साढ़े तीन हाथ जमीन लेनी पड़ती है।'

गिरिराज सिंह ने इस विवाद को धार्मिक दृष्टिकोण से जोड़ते हुए कहा कि सपा सांसद का बयान सही नहीं है और इसे विवादित बनाने का प्रयास है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवा में कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ना वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या है, और इसे नियंत्रित करने के लिए सरकारी नीतियों, पर्यावरणीय जागरूकता और समाज की भागीदारी जरूरी है।

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