शरीफ उस्मान हादी की मौत से भड़के प्रदर्शनकारी, मीडिया दफ्तरों में की तोड़फोड़, जानिए पूरा मामला

शरीफ उस्मान हादी की मौत से भड़के प्रदर्शनकारी, मीडिया दफ्तरों में की तोड़फोड़, जानिए पूरा मामला

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शरीफ उस्मान हादी की मौत के विरोध में प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए। उन्होंने मीडिया दफ्तरों और वाहनों में आग लगाई। पत्रकारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, शांति बनाए रखने की अपील की गई।

Dhaka: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में कल देर रात हिंसा की गंभीर घटना देखने को मिली। इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा भड़क उठा। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और कई इमारतों और वाहनों को आग के हवाले किया। भीड़ ने विशेष रूप से मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया, जिससे पत्रकारों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ।

द डेली स्टार के दफ्तर पर हमला

भीड़ ने ढाका के कावरान बाजार में स्थित द डेली स्टार अखबार के दफ्तर पर हमला किया। खबरों के अनुसार, हमलावरों ने पहले दफ्तर के ग्राउंड और पहली मंजिल पर तोड़फोड़ की और करीब रात 12.30 बजे आग लगा दी। इस घटना के दौरान भीतर काम कर रहे पत्रकार और स्टाफ फंसे रह गए। आग तेजी से फैल गई और इमारत के बाहर धुआं का बड़ा गुबार उठने लगा। फायर सर्विस भीड़ के कारण मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिससे आग बुझाने में देर हुई।

अखबार की एक रिपोर्टर जायमा इस्लाम ने बताया कि इमारत के अंदर धुआं इतना ज्यादा था कि वह ठीक से सांस नहीं ले पा रही थी और उन्हें गंभीर खतरा महसूस हुआ। पत्रकारों और कर्मचारियों को करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बचाया गया। शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे कम से कम 25 पत्रकारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

अन्य मीडिया संस्थानों पर हमला

इस हिंसा की शुरुआत बंगाली भाषा के दैनिक प्रोथोम आलो के दफ्तर पर हुई। बीडी न्यूज़ के अनुसार, प्रदर्शनकारी रात करीब 12 बजे दफ्तर में प्रवेश कर तोड़फोड़ करने लगे और आग लगा दी। इस दौरान उन्होंने नारे लगाए और कर्मचारियों को डराया। इस तरह की घटनाओं से मीडिया कर्मियों की सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

हिंसा की वजह

विशेषज्ञों का मानना है कि यह हिंसा शरीफ उस्मान हादी की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे समूहों द्वारा की गई। हादी की मौत ने इंकलाब मंच के समर्थकों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार और प्रशासन इस घटना को लेकर जिम्मेदार हैं। हिंसा में शामिल लोगों ने न केवल मीडिया दफ्तरों को निशाना बनाया बल्कि सार्वजनिक संपत्ति और वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया।

अंतरिम सरकार की शांति अपील

इस हिंसा के बीच बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी नागरिक धैर्य और संयम बनाए रखें। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को पेशेवर तरीके से जांच करने दिया जाए ताकि हिंसा और अस्थिरता को नियंत्रित किया जा सके।

यूनुस ने कहा कि सरकार कानून के शासन (rule of law) को बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि इस तरह की हिंसा देश और समाज के लिए खतरनाक है और इसे बढ़ावा देना किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।

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