दक्षिणी गाजा पर इजरायल का हमला, हमास को निशाना बनाकर बढ़ाया संघर्ष का दबाव

दक्षिणी गाजा पर इजरायल का हमला, हमास को निशाना बनाकर बढ़ाया संघर्ष का दबाव

इजरायल ने दक्षिणी गाजा में हमास आतंकियों पर एयरस्ट्राइक की जिसे उसने हालिया हमले का जवाब बताया। घटना के बाद सीजफायर तनावपूर्ण हो गया। हमास ने आरोप लगाया कि इजरायल ने समझौते का उल्लंघन किया, जबकि इजरायल इसे सुरक्षा कदम कह रहा है।

Israel Airstrike In Gaza: इजरायल ने दक्षिणी गाजा में एक ताज़ा एयरस्ट्राइक की है जिसमें हमास से जुड़े उन आतंकियों को निशाना बनाया गया जिन्हें इजरायली सेना पर हुए हालिया हमले के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दोनों पक्षों के बीच जारी सीजफायर (ceasefire) को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। इजरायल ने दावा किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह ‘जवाबी कदम’ के तौर पर की गई क्योंकि हमास के आतंकियों ने उसके सैनिकों पर सीधा हमला किया था। इस घटना ने एक बार फिर यह संकेत दे दिया है कि मौजूदा संघर्ष विराम बेहद नाजुक स्थिति में है।

एयरस्ट्राइक का कारण

इजरायल की सेना ने बताया कि बुधवार देर रात आतंकियों ने एक अंडरग्राउंड सुरंग (underground tunnel) का इस्तेमाल करते हुए अपने कंट्रोल वाले इलाके से बाहर निकलकर इजरायली सैनिकों पर हमला किया। इस हमले में पांच सैनिक घायल हो गए। इसके जवाब में इजरायल ने दक्षिणी गाजा के उस क्षेत्र को लक्ष्य बनाया जहां हमास के लड़ाकों की मौजूदगी का इनपुट मिला था। इजरायल का कहना है कि इस हमले का लक्ष्य सिर्फ वे आतंकवादी थे जो सीजफायर तोड़ते हुए इजरायली जवानों पर हमला करने आए थे। इस कार्रवाई को इजरायल ने अपनी सुरक्षा के लिए ‘जरूरी कदम’ बताया है।

हमास की प्रतिक्रिया

हमास ने इजरायल की ओर से की गई इस हवाई कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। संगठन ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए दावा किया कि इजरायल ने जानबूझकर सीजफायर को तोड़ा। हमास ने यह भी आरोप लगाया कि इजरायल की सेना लगातार गाजा के अलग-अलग हिस्सों में तनाव बढ़ा रही है जिससे सुलह की कोशिशें कमजोर पड़ रही हैं। संगठन ने कहा कि गाजा पर हुए हमले न सिर्फ समझौते का उल्लंघन हैं बल्कि इससे मानवता से जुड़े मुद्दों पर भी असर पड़ रहा है।

सीजफायर पर नया विवाद

गौरतलब है कि इजरायल ने एयरस्ट्राइक से पहले साफ तौर पर आरोप लगाया था कि हमास ने सीजफायर का उल्लंघन किया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस बात को सार्वजनिक रूप से कहा कि बुधवार का हमला सीजफायर समझौते के खिलाफ था। इजरायल के अनुसार, हमास ने पहले समझौते की शर्तों को तोड़ा जिसके बाद कार्रवाई अनिवार्य हो गई।

नेतन्याहू का कहना है कि आतंकियों द्वारा की गई यह घुसपैठ पूरी तरह सुनियोजित थी क्योंकि सुरंगों का इस्तेमाल उसी तरह किया गया जैसा कि पहले हमलों में देखा गया था। इस वजह से इजरायल सैन्य स्तर पर पहले से अधिक सतर्क हो गया है।

गाजा स्वास्थ्य विभाग की जानकारी

गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि अक्टूबर के अंत में हुए हमलों में कम से कम 104 लोगों की मौत हुई थी जबकि नवंबर में इजरायल के हमलों में 33 लोगों की जान गई। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ये हमले भी तब किए गए जब सीजफायर लागू था। इस बात को लेकर गाजा प्रशासन लगातार इजरायल पर आरोप लगाता रहा है कि वह समझौते के दौरान भी सैन्य कार्रवाइयाँ करता है।

हालिया अपडेट के अनुसार, उत्तरी गाजा में मिले शवों के अवशेष इजरायल को सौंप दिए गए हैं। इन अवशेषों की जांच अब इजरायली फोरेंसिक एक्सपर्ट्स द्वारा की जाएगी। इससे पहले मंगलवार को भी कुछ अवशेष सौंपे गए थे लेकिन वे किसी भी बंधक से मेल नहीं खाते थे। यह मुद्दा वर्तमान सीजफायर व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू है क्योंकि दोनों पक्ष शवों और बंधकों की अदला-बदली को लेकर बातचीत कर रहे हैं।

जंग कैसे शुरू हुई थी

मौजूदा संघर्ष की जड़ें 7 अक्टूबर, 2023 से शुरू होती हैं जब हमास के आतंकियों ने इजरायल पर अचानक हमला कर दिया था। इस हमले में करीब 1200 लोगों की हत्या कर दी गई थी और 250 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया गया था। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव की नई लहर पैदा कर दी। इजरायल ने इस हमले को अपनी संप्रभुता (sovereignty) पर सीधा आघात बताया और उसके बाद गाजा पर बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया।

इसके बाद महीनों तक दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़पें, हवाई हमले, ग्राउंड ऑपरेशन और मिसाइल हमले चलते रहे। इस संघर्ष ने गाजा में बड़े स्तर पर जनहानि, विस्थापन और बुनियादी ढांचे की तबाही पैदा की।

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