ईरान में हिंसा विकराल रूप ले रही है। सेना और प्रदर्शनकारियों में टकराव जारी, 3000 से ज्यादा मरे। मोदी सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की, उन्हें तत्काल देश छोड़ने की सलाह दी गई।
Iran Protest: ईरान में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। सरकारी बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा लगातार बढ़ रही है। खबरों के अनुसार अब तक 3000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 350 से ज्यादा मस्जिदों को आग के हवाले किया जा चुका है। इस भयावह स्थिति के कारण ईरानी सरकार ने इंटरनेट पूरी तरह से बंद कर दिया है ताकि हिंसा की तस्वीरें और वहां की स्थिति देश के बाहर न जाए।
एयरस्पेस पर कड़ा नियंत्रण
ईरानी प्रशासन ने देशभर में इंटरनेट बंद कर दिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सेना और सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की जा रही कार्रवाई की तस्वीरें या वीडियो दुनिया के सामने न आएं। इसके साथ ही ईरान ने अपना एयरस्पेस भी बंद कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका की तरफ से किसी भी समय सैन्य कार्रवाई की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
ईरान में इंटरनेट और एयरस्पेस पर यह नियंत्रण देश में भय का माहौल पैदा कर रहा है। विदेश मंत्रालयों ने भी इस स्थिति पर नजर रखी है और कई देशों के नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।
प्रदर्शनकारियों पर सेना का दमन
ईरान में सेना और सुरक्षा बल हिंसक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि सेना ने कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया और दर्जनों लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा 350 से ज्यादा मस्जिदों को आग के हवाले किया गया।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह हिंसा खामने की नीतियों के विरोध में बढ़ रही है। वहीं, खामने की सुरक्षा को लेकर भी स्थिति गंभीर है। खबरें यह भी हैं कि अगर हालात और बिगड़े तो खामने या तो देश छोड़कर भाग सकते हैं या उनका घेराव कर गंभीर खतरा हो सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान ने अपने एयरस्पेस को पूरी तरह बंद कर दिया है। खामने की ओर से भी अमेरिका को चेतावनी जारी की जा रही है कि किसी भी गलत कदम का जवाब कड़ा होगा। विशेषज्ञ इसे ‘Geopolitical Tension’ का सबसे संवेदनशील दौर मान रहे हैं।
इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम एशिया में स्थिति और गंभीर होने के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर भी असर पड़ने की संभावना है। कई देशों ने वहां फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष प्रयास शुरू किए हैं।
मोदी सरकार का कदम: भारतीयों को एडवाइजरी
भारत सरकार ने ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। इसमें सभी भारतीयों को सलाह दी गई है कि वे जितनी जल्दी हो सके ईरान को छोड़ दें। यह एडवाइजरी 5 जनवरी 2025 को जारी की गई थी और इसमें ईरान में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए भारतीयों की सुरक्षा प्राथमिकता बनाना बताया गया है।
भारतीय एयरलाइंस, विशेषकर एयर इंडिया, ने भी अपने यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। एयर इंडिया ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उड़ानों के रूट बदले जा रहे हैं। जिन रूट्स पर बदलाव संभव नहीं है, वहां उड़ान रद्द की जा रही है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करें।










