Nepal ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आपात राहत दल बनाया। विदेश सचिव Amrit Bahadur Rai के नेतृत्व में टीम नागरिकों की सुरक्षा और संभावित निकासी की तैयारी करेगी।
Nepal News: पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच नेपाल ने एहतियाती कदम उठाए हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की मौत के बाद क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। लगातार हो रहे मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई ने पूरे मिडिल ईस्ट को अस्थिर कर दिया है।
इसी पृष्ठभूमि में नेपाल सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक आपात राहत दल का गठन किया है। नेपाल ने साफ किया है कि वह स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
विदेश सचिव अमृत बहादुर राय की अध्यक्षता में आपात दल
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने विदेश सचिव Amrit Bahadur Rai की अध्यक्षता में एक इमरजेंसी टीम बनाई है। इस दल का उद्देश्य पश्चिम एशिया में बन रहे हालात के आधार पर राहत और निकासी की रणनीति तैयार करना है।
सरकार ने कहा है कि यह टीम युद्ध की संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार करेगी। मंत्रालय ने बयान जारी कर क्षेत्र में शांति और स्थिरता की अपील की है। साथ ही मतभेदों को कूटनीति और संवाद के जरिए सुलझाने पर जोर दिया है।
नेपाल ने यह भी दावा किया है कि खाड़ी देशों में मौजूद उसके सभी नागरिक फिलहाल सुरक्षित हैं। हालांकि हालात को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
युद्ध के मुहाने पर खड़ा पश्चिम एशिया

पश्चिम एशिया इस समय गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। इन हमलों में खामेनेई सहित कई शीर्ष अधिकारियों के मारे जाने का दावा किया गया है।
इसके बाद ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने ऑपरेशन ट्रुथफुल प्रॉमिस 4 के तहत कई ठिकानों को निशाना बनाया। सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे गए। इस सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
इजरायल और खाड़ी देशों में हमले
ईरान की ओर से इजरायल के प्रमुख शहरों तेल अवीव और यरुशलम में मिसाइलें दागी गईं। कई स्थानों पर एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर नुकसान पहुंचाने की खबरें सामने आईं। सायरन की आवाजों के बीच लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
खाड़ी देशों में भी हालात तनावपूर्ण हैं। कुवैत में अमेरिकी एयर बेस को निशाना बनाया गया। दुबई, दोहा और अबू धाबी जैसे शहरों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इससे साफ है कि संघर्ष अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है।
नेपाल की रणनीति
नेपाल ने अपने बयान में नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। सरकार ने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान सैन्य कार्रवाई से नहीं बल्कि संवाद और कूटनीति से होना चाहिए।
आपात दल की जिम्मेदारी होगी कि वह विभिन्न देशों में स्थित नेपाली दूतावासों के साथ समन्वय बनाए रखे। जरूरत पड़ने पर निकासी अभियान या अन्य राहत उपाय शुरू किए जा सकते हैं।
नेपाल की बड़ी आबादी खाड़ी देशों में काम करती है। ऐसे में क्षेत्रीय अस्थिरता का सीधा असर उसके नागरिकों पर पड़ सकता है। यही कारण है कि सरकार पहले से तैयारी कर रही है।











