ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने की सार्वजनिक धमकी दी है। फुटेज में 2024 के पेंसिल्वेनिया हमले का जिक्र किया गया। इस कदम से अमेरिका-ईरान संबंध और तनावपूर्ण हो गए हैं।
Iran-US: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के बाद ईरान ने सार्वजनिक रूप से ट्रंप को जान से मारने की धमकी दी है। ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में कहा गया कि "इस बार निशाना नहीं चूकेगा", जो 2024 में पेंसिल्वेनिया में ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले का संदर्भ देता है। इस कदम से दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और गंभीर रूप ले चुकी है।
पेंसिल्वेनिया हमले का जिक्र
ईरानी सरकारी टीवी पर दिखाई गई फुटेज में ट्रंप के खिलाफ खतरनाक संदेश के साथ पेंसिल्वेनिया में हुए हमले का जिक्र किया गया। जनवरी 2024 में पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक चुनावी रैली के दौरान थॉमस क्रूक्स नामक बंदूकधारी ने ट्रंप पर गोली चलाई थी। गनीमत रही कि गोली निशाना चूक गई और केवल कान के पास से निकली। ईरानी फुटेज में इसे दिखाते हुए चेतावनी दी गई कि इस बार ऐसा नहीं होगा।
फुटेज में दिखाए गए पोस्टर में ट्रंप की तस्वीर के साथ फारसी भाषा में लिखा गया कि अगली बार निशाना चूकना असंभव होगा। यह संदेश सीधे तौर पर ट्रंप को धमकी के रूप में दिया गया और अमेरिका की तरफ से ईरान में हस्तक्षेप को लेकर गंभीर संकेत माना जा रहा है।
तेहरान में प्रदर्शनों के बीच प्रसारण

इस वीडियो को ईरान में हाल के प्रदर्शनों के दौरान मारे गए सुरक्षा बलों के अंतिम संस्कार समारोह में प्रसारित किया गया। अधिकारियों ने मृतकों को "शहीद" घोषित किया। इस दौरान समारोह में शामिल लोग "अमेरिका मुर्दाबाद" के बैनर लिए हुए थे और ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें भी दिखाई गईं। ईरान की सरकारी टेलीविजन इस फुटेज को सार्वजनिक करके अमेरिका और ट्रंप को चेतावनी दे रहा है कि किसी भी सैन्य या राजनीतिक कदम का प्रतिकूल परिणाम होगा।
ईरान और ट्रंप के बीच पुराना विवाद
ईरान का ट्रंप के खिलाफ रंजिश का इतिहास नया नहीं है। जनवरी 2020 में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद ईरान ने ट्रंप को जान से मारने की कसम खाई थी। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, 2024 में फरहाद शेकेरी की गिरफ्तारी के समय ट्रंप की हत्या की ईरान-निर्देशित साजिश को नाकाम किया गया था। अदालत के दस्तावेजों में इस योजना का उल्लेख किया गया था, जिसमें रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के लोग सीधे तौर पर ट्रंप की हत्या के लिए जिम्मेदार थे।
अमेरिका के साथ बढ़ती खतरनाक स्थिति
हाल के घटनाक्रम से यह साफ होता है कि अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है। ट्रंप की सैन्य धमकी का ईरान पर कोई असर नहीं पड़ा है। उल्टे ईरान ने खुले तौर पर ट्रंप को निशाना बनाने और जान से मारने की धमकी दी है। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ने की संभावना है और अमेरिका-ईरान संबंध और खराब हो सकते हैं।










