लखनऊ में शिया समुदाय ने ईरान के नेता खामेनेई की मौत पर गहरा आक्रोश जताया। मौलाना कल्बे जवाद ने अमेरिका-इजरायल को जिम्मेदार ठहराया। तीन दिन का शोक और कैंडल मार्च आयोजित कर लोगों ने शांतिपूर्ण विरोध किया।
Israel Iran War: लखनऊ में शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे शहादत बताया और कहा कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर इस हमले को अंजाम दिया। मौलाना ने बताया कि खामेनेई अपने जीवन में भी शहीद होने की तमन्ना रखते थे और उनका खून बेकार नहीं जाएगा।
शिया समुदाय ने खामेनेई की मौत पर तीन दिन का शोक घोषित किया है और कैंडल मार्च निकालने का ऐलान किया है। लखनऊ के छोटे इमामबाड़े के पास बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की।
बंकर में छुपने की खबरों को किया खारिज
मौलाना कल्बे जवाद ने मीडिया में छपी उन खबरों को झूठा बताया जिसमें कहा गया था कि खामेनेई बंकर में छुपे हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि खामेनेई अपने घर में सामान्य जीवन जी रहे थे, दफ्तर आ जा रहे थे और लोगों से मुलाकात कर रहे थे। इसी दौरान अमेरिका और इजरायल के हमले में उन्हें शहीद कर दिया गया और उनके साथ कई उलेमा भी मारे गए।
मौलाना ने कहा कि इस घटना ने पूरे शिया समुदाय को आहत किया है और यह सिर्फ ईरानी नेता का नहीं बल्कि पूरी इंसानियत का नुकसान है क्योंकि खामेनेई ने हमेशा बेकसूरों और फिलिस्तीनियों के लिए आवाज उठाई।
ट्रंप और नेतन्याहू पर आरोप
मौलाना कल्बे जवाद ने इस हमले के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने अपने हाथों से खामेनेई के लिए डेथ वारंट पर साइन किया और उन्हें इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। मौलाना ने चेतावनी दी कि इन दोनों नेताओं की मौत भी बेहद गंभीर और बदतर होगी।

उन्होंने कहा कि शहीद का खून हमेशा फल देता है और इससे नए इंकलाब जन्म लेते हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे शांति बनाए रखें, लेकिन अपने अधिकार और न्याय के लिए आवाज उठाने से पीछे न हटें।
तीन दिन का शोक
शिया समुदाय ने खामेनेई की मौत के विरोध में तीन दिन का शोक मनाने का ऐलान किया है। इस दौरान सभी से अपील की गई है कि वे दुकानों और कारोबार को बंद रखें और जबरदस्ती से कोई गतिविधि न करें।
पहले दिन ही लखनऊ के छोटे इमामबाड़े के पास बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की गई। मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि यह शांति और संयम के साथ मनाया जाने वाला शोक है, ताकि लोगों को कोई नुकसान न पहुंचे।
शिया समुदाय का दर्द
खामेनेई के मारे जाने की खबर सुनते ही शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि खामेनेई ने हमेशा धर्म और न्याय के लिए आवाज उठाई। उनके जाने से पूरा समुदाय दुखी है, लेकिन उनका मार्गदर्शन और विचार हमेशा याद रहेंगे।
मौलाना ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करें। उन्होंने कहा कि इस समय शांति बनाए रखना और सामूहिक संयम दिखाना जरूरी है।












