अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपस्टीन फाइल्स को सार्वजनिक करने पर रुख बदला और रिपब्लिकन सांसदों के लिए संसद में वोटिंग प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव पास होने पर फाइल्स में दर्ज विवादित जानकारियाँ जनता और सांसदों के सामने आ सकती हैं।
America: अमेरिका में लंबे समय से चर्चा में रहने वाला एपस्टीन मामला फिर से सुर्खियों में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एपस्टीन फाइल्स को सार्वजनिक करने पर अपना रुख बदलते हुए कहा है कि रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों को संसद में वोटिंग करनी चाहिए कि जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स को रिलीज किया जाए या नहीं। पहले ट्रंप प्रशासन हमेशा इसके खिलाफ रहा था, लेकिन अब उन्होंने कहा है कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और इस मुद्दे को सुलझाना चाहते हैं।
ट्रंप का बयान
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि अब समय आ गया है कि विपक्षी दल और लेफ्ट के एजेंडे को धराशायी किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि फाइल्स को सार्वजनिक करने से रिपब्लिकन पार्टी की सफलता पर उठाए गए सवालों का सामना किया जा सकेगा। इस बयान के साथ ट्रंप ने साफ कर दिया कि उनका रुख पहले जैसा नहीं रहा और वे संसद में वोटिंग की प्रक्रिया शुरू कराना चाहते हैं।
संसद में बहुमत और संभावित फैसले
अमेरिकी संसद में बहुमत ट्रंप की पार्टी के पास है। इस वजह से कयास लगाए जा रहे हैं कि संसद का निर्णय भी ट्रंप के पक्ष में आ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह से ट्रंप एपस्टीन विवाद को राजनीतिक रूप से अपने पक्ष में नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। यदि वोटिंग में प्रस्ताव पास होता है, तो एपस्टीन फाइल्स के कई पेज सार्वजनिक हो सकते हैं और इससे विवादित हस्तियों के नाम सामने आ सकते हैं।

क्या है एपस्टीन विवाद की पृष्ठभूमि
जेफरी एपस्टीन अमेरिका के प्रसिद्ध कारोबारी और निवेशक थे। उन पर नाबालिग लड़कियों के साथ यौन शोषण और तस्करी का आरोप था। 2019 में पुलिस ने एपस्टीन को गिरफ्तार किया था, लेकिन जेल में उनकी मौत हो गई। एपस्टीन के करीबी दोस्त डोनल्ड ट्रंप भी माने जाते थे। इसके चलते आरोप लगे कि ट्रंप ने एपस्टीन फाइल्स के कुछ पेजों को जानबूझकर गुप्त रखा था।
विपक्षी दलों की भूमिका
ट्रंप के साथ संबंध खराब होने के बाद एलन मस्क ने एपस्टीन फाइल्स का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि एपस्टीन फाइल्स में ट्रंप का भी नाम है, इसलिए इसे सार्वजनिक नहीं होने दिया गया। इस दावे के बाद विपक्षी दलों ने भी एपस्टीन फाइल्स को सार्वजनिक करने की मांग तेज कर दी। विपक्ष का कहना है कि फाइल्स में कई बड़े और दिग्गज हस्तियों के नाम हैं, जिन्हें जनता के सामने लाना जरूरी है।
ट्रंप अब संसद में वोटिंग के जरिए एपस्टीन फाइल्स को सार्वजनिक करने का रास्ता खोलना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वे किसी को भी छिपाने की कोशिश नहीं करेंगे। उनका कहना है कि इस मुद्दे को बंद करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का समय आ गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम ट्रंप के लिए राजनीतिक रूप से फायदेमंद हो सकता है और वे विवाद को अपने पक्ष में मोड़ सकते हैं।
एपस्टीन फाइल्स के खुलासे से जुड़े विवाद
एपस्टीन फाइल्स में दर्ज आरोपों में यौन शोषण, नाबालिग लड़कियों की तस्करी और विभिन्न शक्तिशाली व्यक्तियों की संलिप्तता का दावा किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स और जांच अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के दौरान कुछ फाइल्स को छुपाया गया था। अब ट्रंप के प्रस्ताव के बाद ये फाइल्स जनता और संसद के सामने आ सकती हैं।











